‘ये शाम भानुभक्त के नाम में समर्पित’ मुशायरा नेपालगन्ज में सम्पन्न
नेपालगन्ज, (बाके) पवन जायसवाल ।
बाके जिला के नेपालगन्ज में नेपाल और भारत के शायरों द्वारा मुशसायरा किया गया । नेपालगन्ज एकलैनी बाजार के फत्तेह मोहम्मद मुस्लिम मुसाफिर खाना में मुशायरा सम्पन्न हुआ ।

नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डौं, भेरी साहित्य समाज केन्द्रीय समिति नेपालगन्ज और गुल्जारे अदब बाके जिला के संयुक्त आयोजन में २०३ वा भानु जयन्ती समारोह में रातभर तक चला मुशायरा कार्यक्रम में नेपाल और पडोसी मित्र राष्ट्र भारत से दर्जनों शायर (उर्दू गजलकार) लोगों ने अपनी– अपनी गजल, शैर वाचन किया ।
नेपाल–भारत के शायर (उर्दू गजलकार) लोग २०३ वा भानु जयन्ती रात गुन्जायमान बनाया । ‘ये साम भानुभक्त के नाम में समर्पित’ मुशायरा में नेपालगन्ज के पुराने शायर और गुल्जारे अदब नेपालगन्ज के अध्यक्ष अब्दुल लतीफ शौक ‘मन के माया जाल ने मारा, तन को रोटी दाल ने मारा ’ शायरी (गजल) प्रस्तुत किया था ।
इसी तरह शायर तथा गुल्जारे अदब नेपालगन्ज के सचिव मोहम्मद मुस्तुफा अहसन कुरेशी ने प्रस्तुत किया था ‘रबने दिया मधेश, तराई, पहाड, हिमाल मिलकर बढायें इन का हम हुस्न और जमाल’ शायरी सब लोगों की मन छुई थी ।
नेपाल– भारत के उर्दू शायर (गजल) लोगों की जमघट में मुशायरा हुआ था । भारत उत्तर प्रदेश जिला बहराईच के वरिष्ठ शायर अतहर रहमनी, डा. अशोक गुलशन पाण्डेय, गुलशन पाठक, मन्जूर, अन्जुम शाहकार–ए उर्दू उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शारिक रब्बानी, गौस उमर काशिफ, शहीद प्रधान, लाल खा“, मेराज नानपारावाले और नेपाल के ओर से नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान कमलादी काठमाण्डौं के पूर्व सदस्य सचिव सनत रेग्मी, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्राज्ञ सदस्य हरि प्रसाद तिमिल्सेना, नेपाल पत्रकार महासंघ बा“के शाखा के निवर्तमान अध्यक्ष तथा सल्लाहकार शुक्रऋषि चौलागाई, शादाब, बिक्रम शिशिर, अवधी सा“स्कृतिक प्रतिष्ठान केन्द्रीय समिति नेपालगन्ज के अध्यक्ष बिष्णुलाल कुमाल, सैयद् अश्फाक रसूल हाशमी, मेराज अहमद हिमाल, नसीम अहमद कादरी, भोजराज शर्मा नादिर, सालिक डा“गी, शंकर डा“गी, भेरी साहित्य समाज नेपालगन्ज के कोषाध्यक्ष कविराज रेग्मी, प्रगतिशील लेखक संघ बा“के के अध्यक्ष इन्द्र बहादुर बस्नेत, पंकज श्रेष्ठ, कमल बिके निर्मोही, महानन्द ढकाल लगायत लोगों ने भी अपनी– अपनी शैर वाचन किया था ।

मुशायरा कार्यक्रम में मित्र राष्ट्र भारत के बहराईच, नानपारा, लखीमपुर खीरी, बाराबकीं और नेपाल के ओर से बा“के जिला के खजुरा, कोहलपुर, नेपालगन्ज इसी तरह पडोसी जिला बर्दिया, दाङ तक से शायर (गजलकार) लोग आयें थे ।
उसी अवसर पर फत्तेह मोहम्मद मुस्लिम मुसाफिरखाना एकलैनी बाजार नेपालगन्ज में आयोजित बहुभाषिक गजल गायन और कृति विमोचन भी किया गया था कार्यक्रम में कथाकार एवम् नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व सदस्य सचिव सनत रेग्मी, साहित्यकारों में इन्द्र बहादुर भण्डारी ‘इन्द्रेणी’, दाङ जिला के नारायण नेपाल, भारत के ओर से शायर डा. अशोक गुलशन पाण्डेय और शारिक रब्बानी लगायत लोगों को सम्मान किहा भी किया गया था ।
इसी तरह कार्यक्रम में कक्षा १० मैंहा अध्ययरत रहें सन्देश आचार्य की कृति प्रगतिका पाइलाहरु और जनता उच्च माध्यमिक विद्यालय सन्तकुटी खजुरा के प्राचार्य शशीराम कार्की की शीतका थोपा नामक कृति की विमोचन नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व सदस्य सचिव सनत रेग्मी, नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के प्राज्ञ सदस्य हरि प्रसाद तिमिल्सेना, शारिक रब्बानी लगायत लोगों ने कृति की बिमोचन किहा गया था ।
मुसायरा कार्यक्रम की सञ्चालन इन्द्र बहादुर भण्डारी और कार्यक्रम में स्वागत इन्द्र बहादुर बस्नेत ने किया था ।



