छठ के अवसर पर तीन दिन की छुट्टी की मांग तथा संविधान संशोघन की कामना
काठमांडू ६ नवम्बर | सोशल मिडिया के जरिये छठ पर्व के अवसर पर होती आ रही छुट्टी बढ़ाने की मांग अब नेपाल की राजनीतिक पार्टी द्वारा भी होने लगी है | इसमें सबसे पहले सदभावना पाटीॅ द्वारा छठ में तीन दिन की छुट्टी मांग की गई है |
समाजिक संजाल पर मांग करते हए कुछ दिन पहले हिमालिनी की सम्पादक डा.श्वेता दीप्ति अपने स्टेट्स में लिखी थी ( सूर्योपासना का महान पर्व छठ के अवसर पर सरकार ने एक दिन की छुट्टी दी है । 4दिनों तक चलने वाले व्रत के लिए 1 दिन की छुट्टी पर्याप्त है ? प्रातः अर्ध्य के दिन ही कार्यालयों को खोल दिया गया है । क्या उस दिन घर गए लोग वापस आकर ड्यूटी ज्वाइन कर सकते हैं ? पहाड़ी समुदाय अगर इस व्रत के मर्म को नहीं समझ रहा तो कम से कम मधेशी समुदाय के नेताओं को यह बात सरकार तक पहुंचानी चाहिए कि कम से कम 3 दिनों की छुट्टी मिलनी चाहिए । पर छुट्टी सिर्फ काठमांडू में रहने वालों के लिए दी गई है घर जाने वालों के लिए नहीं । · )
सदभावना पाटीॅ द्वारा एक विज्ञप्ति जारी करके कहा गया है कि मघेश का महान, महत्वपूर्ण तथा पवित्र पवॅ “छठ” के उपलक्ष्य में सदभावना पाटीॅ सम्पुणॅ व़तालु, भक्तजन सहित आम जनसमुदाय में हादिॅक मंगलमय शुभ कामना व्यक्त करती है।
विज्ञप्ति में ख़ुशी व्यक्त की गयी है कि अब काठमांडौ लगायत पहाड़ी क्षेत्र में भी इस पर्व को हषोॅल्लास के साथ मनाया जाता है | नहाय-खाय, खरना, संध्या अगॅ, सुबह अगॅ सहित ४ दिन तक व़त में रहकर शुद्ध चित से नदि, पोखरी वा अन्य जलाशय में खड़ा होकर डूबते तथा ऊगते सुयॅ को अगॅ देकर पुजा अचॅना के सस्थ मनाये जाने वाली यह मघेश का सबसे बड़ा पवॅ “छठ” है | विज्ञप्ति में कहा गया है कि “छठ” को और उत्साह से मनाने के लिए ३ दिन की सावॅजनिक विदा घोषणा करने की सदभावना पाटीॅ सरकार से माँग करती है। साथ ही जल्द से जल्द संविधान में संशोघन करके मघेशी तथा अादिवासी-जनजाति सभी का हक़ अघिकार स्थापित कराने के लिये छठी माता से संबंधित सभी को शक्ती प़दान करने की कामना की गई है । विज्ञप्ति में पार्टी अध्यक्ष राजेन्द्र महतो द्वारा हस्ताक्षर किया गया है |
सूर्योपासना का महान पर्व छठ के अवसर पर सरकार ने एक दिन की छुट्टी दी है ।4दिनों तक चलने वाले व्रत के लिए 1 दिन की छुट्टी पर्याप्त है ? प्रातः अर्ध्य के दिन ही कार्यालयों को खोल दिया गया है ।क्या उस दिन घर गए लोग वापस आकर ड्यूटी ज्वाइन कर सकते हैं ?पहाड़ी समुदाय अगर इस व्रत के मर्म को नहीं समझ रहा तो कम से कम मधेशी समुदाय के नेताओं को यह बात सरकार तक पहुंचानी चाहिए कि कम से कम 3 दिनों की छुट्टी मिलनी चाहिए । पर छुट्टी सिर्फ काठमांडू में रहने वालों के लिए दी गई है घर जाने वालों के लिए नहीं ।
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