आप जुल्म करें तो कुछ भी नहीं, हम आह भरें तो कातिल हैं’ : मोहम्मद ईस्तियाक राई
‘आप जुल्म करें तो कुछ भी नहीं, हम आह भरें तो कातिल हैं’,
‘आप दिन को रात कहें तो काबिल, हम दिन को दिन कहें तो जाहिल हैं’ ।
नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल, २०७३ मंसीर २४ गते | अवधी पत्रकार संघ नेपाल केन्द्रीय कार्यसमिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामना देते हए पूर्व श्रम तथा यातायात व्यवस्था मन्त्री मोहम्मद ईस्तियाक राई ने सरकार पर आरोप लगया कि कोई भी जगह और निकायों में समावेशिता नही है । उन्होंने कहा कि सत्ताधारी चाहे जितना भी समावेशिता नारा क्यों न दे ? लेकिन सरकारी तथा गैह्रसरकारी संघसंस्थाओं में मधेशी, जनजाती, मुस्लिम, थारुओं की समावेशी सहभागिता खिन नही है | उन्होंने नेपाल पत्रकार महासंघ से भी समावेशी आधार पर सदस्यता वितरण करने का आग्रह किया |उन्होंने जोड देते हुये शाखा से लेकर केन्द्र तक मधेशी, मुस्लिम, थारु लगायत को भी नेतृत्व तह में अवसर देने का आग्रह किया ।

मोहम्मद ईस्तियाक राई ने एक शायरी पढ़ते हए कहा कि ‘आप जुल्म करें तो कुछ भी नहीं, हम आह भरें तो कातिल हैं’, ‘आप दिन को रात कहें तो काबिल, हम दिन को दिन कहें तो जाहिल हैं’ । उन्होंने कहा कि पाच नम्बर प्रदेश अखण्ड रखने की माग करते हुये बुटवल लगायत विभिन्न जिला में जारी आन्दोन में कोई मूर्तिया नहीं टूटी किसी के उपर गोली नही चलाया गया | पूर्वमन्त्री मोहम्मद ईस्तियाक राई ने मधेश आन्दोलन में मधेसियों के शर और छाती में ताककर ही गोली चलाया गया | इससे सरकार की मधेशी प्रति की दृष्टिकोण स्पष्ट होता है उन्होंने बताया।


