संशोधन प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता : पुण्य प्रसाद गौतम
काठमांडू, १६ पुस | नेकपा माले के पोलिटव्युरो सदस्य तथा युवा नेता पुण्यप्रसाद गौतम ‘विश्वास’ ने कहा है कि सरकार द्वारा संसद में पंजीकृत संविधान–संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सकता है । हिमालिनी से हुई बातचित में उन्होंने यह बात बतायी है । उनका मानना है कि यह विधेयक देश और जनता के हित में भी नहीं है । उन्होंने कहा– ‘मधेश और वहाँ की जनता की आवश्यकता संघीय राज्य का सीमांकन नहीं है । वहाँ की जनता की आवश्यकता और मुद्दा अधिकार, अवसर और पहचन के साथ जुड़ा हुआ है । इस मुद्दा का सम्बोधन, सीमांकन अदला–बदली से नहीं हो सकता । इसलिए वर्तमान में संशोधन सम्बन्धी विषयों को लेकर जो विवाद किया जा रहा है, वह बेकार है ।’
नेता विश्वास का यह भी मानना है कि सीमांकन सम्बन्धी मुद्दा में संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, तराई–मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर और सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो के बीच में ही समान धारणा नहीं है । विश्वास कहते हैं– ‘आज जो भी विवाद सामने आ रहा है, उसके पीछे तीन बड़े दलों का अपना–अपना अडान तो है ही, इसके अलावा ये तीन नेता (यादव, ठाकुर और महतो) के बीच का व्यक्तिगत टकराव भी है । साथ में बाह्य शक्तियों का भी हात है । इसीलिए यह मुद्दा आसानी से सुलझने वाला नहीं है ।’
विश्वास का मानना है कि आज की प्रमुख आवश्यकता संविधान–संशोधन नहीं है । वह कहते हैं– ‘जितना जल्दी हो सके निर्वाचन घोषणा होना चाहिए । संविधान के अनुसार १३ महिने के अन्दर तीन निर्वाचन नहीं होगा तो संवैधानिक संकट आ जाएगी । अगर ऐसा हुआ तो आज जो गणतन्त्र और संघीयता हमने प्राप्त किया है, वह भी खतरे में पड़ सकता है ।’


