Wed. Jul 29th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सनसनीखेज खुलासा : कानपुर रेल हादसों के पीछे पाकिस्तानी आइएसआइ का हाथ

 

IMG-20170118-WA0000

{हिमालिनी के लिए मधुरेश प्रियदर्शी की खास रिपोर्ट}

*मोतिहारी.मधुरेश*-18 जनवरी ।   नापाक पाकिस्तान अपनी ओछी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जिन ताजा मामलों का खुलासा मोतिहारी पुलिस ने किया है उससे कानपुर रेल हादसे का पाक कनेक्शन सामने आया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘आइएसअाइ’ नेपाल को बेस बनाकर बिहार के रास्ते भारत में ट्रेनों को उड़ाने की घटना को अंजाम दे रहा है। ऐसे दो मामलों का खुलासा हो चुका है। बीते दिनों कानपुर में हुई ट्रेन दुर्घटनाओं में आइएसआइ की संलिप्तता थी। आइएसअाइ ने बिहार के घोड़ासहन में भी ट्रेन को उड़ाने की साजिश रची थी, जो नाकाम रही। यह सनसनीखेज खुलासा बिहार पुलिस ने मंगलवार को किया।

बिहार पुलिस के इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम बिहार के मोतिहारी के लिए रवाना हो चुकी है। यह टीम गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ करेगी।

*मोतिहारी पुलिस ने किया गिरफ्तार*

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए रेल हादसों व पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन स्टेशन के पास इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) लगाने की साजिश के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ थी। मोतिहारी पुलिस के हत्थे चढ़े तीन शातिर अपराधियों ने यह स्वीकर किया है।

यह भी पढें   दिल्ली का जंतर मंतर और काठमाण्डु का माइतीघर मण्डला* ​एक तात्विक विश्लेषण : डा. विजय दत्त

बताते चलें कि इंदौर से पटना जा रही ट्रेन इंदौर-राजेन्द्र नगर एक्सप्रेस पिछले साल 20 नवंबर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 142 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद कानपुर में ही पुखरैरा के पास अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस भी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी।

*नेपाली आप्रवासी ने दुबई से रची थी साजिश, आइएसआइ का था हाथ*

गिरफ्तार अपराधियों में शामिल मोती पासवान ने बताया कि दुबई के अप्रवासी नेपाली कारोबारी शमशुल होदा ने उसे ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की जिम्मेवारी सौंपी थी। घोड़ासहन में 01 अक्तूबर को ट्रेन दुर्घटना के टल जाने के बाद उसने कानपुर में इंदौर-पटना तथा अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस को उड़ाने की जिम्मेवारी दी थी। मोती के अनुसार शमशुल आइएसआइ के लिए काम करता है। उसके नेटवर्क में कई बड़े आतंकवादी भी हैं।

मोती पासवान ने पुलिसिया पुछताछ में बताया कि कानपुर में 20 नवंबर 2016 को हुए रेल हादसे की साजिश आइएसआइ ने रची थी। उसे अंजाम देने में उसके साथ और भी लोग थे। उनमें से दो जुबैर व जियायुल दिल्ली में पकड़े जा चुके हैं। पूर्वी चंपारण के एसपी जितेन्द्र राणा के समक्ष उसने दोनों की तस्वीर देखकर पहचान भी की।

यह भी पढें   दिल्ली का जंतर मंतर और काठमाण्डु का माइतीघर मण्डला* ​एक तात्विक विश्लेषण : डा. विजय दत्त

*इसके पहले नाकाम हुई थी घोड़ासहन बम ब्लास्ट की घटना*

मोती के अनुसार कानपुर से पहले पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन स्टेशन के पास रेल ट्रैक व चलती ट्रेन को उड़ाने की साजिश भी आइएसआइ ने रची थी। इसके लिए नेपाल में गिरफ्तार ब्रजकिशोर गिरी ने आदापुर निवासी अरुण व दीपक राम को तीन लाख रुपये दिए थे।

मोती के अनुसार अरुण व दीपक राम ने आइईडी लगाने के बाद भी रिमोट का बटन नहीं दबाया। इस कारण विस्फोट नहीं हो सका और विध्वंसात्मक कार्रवाई की साजिश नाकाम हो गई थी। मोती ने साफ किया कि घटना को अंजाम नहीं देने के कारण नेपाल बुलाकर ब्रजकिशोर ने अरुण व दीपक की हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया था।

*दाउद की भी संलिप्तता से इंकार नही*

पूर्वी चंपारण के एसपी जितेंद्र राणा ने पकड़े गए मोती पासवान, उमाशंकर प्रसाद व मुकेश यादव के बारे में बताया कि उनके आइएसआइ से जूड़े होने के प्रमाण मिले हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम सभी से पूछताछ कर चुकी है। रॉ व एनआइए को इस आशय की सूचना भेजी गई है। एसपी ने इस साजिश के पीछे दाउद इब्राहिम का हाथ होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया।

यह भी पढें   दिल्ली का जंतर मंतर और काठमाण्डु का माइतीघर मण्डला* ​एक तात्विक विश्लेषण : डा. विजय दत्त

*नेपाल में भी हुई है गिरफ्तारी*

एसपी ने मिडिया को बताया कि इस सिलसिले में तीन लोग पड़ोसी देश नेपाल में भी गिरफ्तार किए गए हैं। उनमें नेपाल के कलेया निवासी ब्रजकिशोर गिरी, शंभू उर्फ लड्डू और मोजाहिर अंसारी शामिल हैं। नेपाल पुलिस से जो जानकारी आई है, उसमें बताया गया है कि आइएसआइ ने बिहार में विध्वंसक कार्रवाई का जिम्मा ब्रजकिशोर गिरी को दे रखा था और उसे इसके लिए 30 लाख रुपये भी दिए गए थे। पकड़े गये सभी तीनों आरोपियों से लगातार पुछताछ जारी है और उनके द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम इस सनसनीखेज मामले में कार्रवाई कर रही है। पूर्वी चंपारण पुलिस द्वारा पकड़े गये अपराधियों के स्वीकरोक्ति बयान ने अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर एक बार फिर से पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *