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गजेन्द्र बाबू का विचार ही समग्र में गजेन्द्रवाद हैं : लक्ष्मणलाल कर्ण

 

विनोदकुमार विश्वकर्मा, काठमांडू, माघ ११ ।
गजेन्द्र बाबू का विचार समग्र में गजेन्द्रवाद हैं । गजेन्द्रवाद का तात्पर्य समतावाद है । उनके विचार में समता की स्थापना स्वशासन और आरक्षण से ही हो सकता है । ये बातें स्व. गजेन्द्रनारायण सिंह की १५ वीं पुण्यतिथि के मौके पर सदभावना पार्टी के सहअध्यक्ष तथा सांसद लक्ष्मणलाल कर्ण ने कहीं ।

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उन्होंने कहा कि संघीयता भाषा, नागरिकता एवं समानता के लिए उन्होंने जो कुछ इस देश को दे गए उसके लिए देशवासी उन्हें कभी नहीं भूला पाएगा । बताया कि मधेश आंदोलन के जिस मीनार का निर्णय किया, वह अब भी सुरक्षित है और सभी को मधेश आंदोलन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा ।

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मौके पर सदभावना पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा सांसद नरसिंह चौधरी ने कहा कि आज मधेश आंदोलन को जो व्यापकता मिली है, वह गजेन्द्र बाबू के संघर्ष का परिणाम है और मधेश आंदोलन के हर मोर्चे पर उन्हें संस्मरण कर आम मधेशी गौरवान्वित और प्रेरित हो रहा है ।
बताया कि गजेन्द्र बाबू आम राजनीति कर्मियों की तरह नहीं थे, जो अपने निहीत उद्देश्य को लक्ष्य मानकर राजनीति करते थे । उनकी राजनीति का आधार देश में प्रजातंत्र का सुदृढ़ीकरण और सभी क्षेत्र, समुदाय एवं विभिन्न जातियों के समान अधिकारों की स्थापना करानी थी ।

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इसी प्रकार सदभावना पार्टी के महासचिव मनिषकुमार सुमन ने कहा कि गजेन्द्र बाबू कर्म के प्रति दृढ़ और समर्पित थे । अपने विचार को स्थापित करने के लिए उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया, लड़ते रहे और जब कभी अपने विचार को कार्यान्वयन करने का अवसर मिला तो उसको लागू भी किया ।

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बताया कि गजेन्द्र बाबू नेपाल में हिन्दी भाषा को संपर्क भाषा के रूप में लेते थे, और उन्होंने इसके लिए संघर्ष भी किया । अपने अधिकार की प्राप्ति हेतु मधेशियों को संगठित होने के लिए सदैव जोड़ देते रहे । उनका कहना था कि जब तक हम संगठित नही होंगे और हमारी एकता मजबूत नहीं होगी तब तक देश में स्थापित शासक वर्ग के विरुद्ध लड़ना हमारे लिए कठीन होगा ।
मौके पर स्व. गजेन्द्र नारायण सिंह की तस्वीर पर फूल और अबीर चढ़ाकर श्रद्धांजली दी गई ।
ध्यातव्य है कि स्व. गजेन्द्र नारायण सिंह का जन्म वि.सं. १९८५ चैत रामनवमी के दिन सप्तरी के कोइलाड़ी गांव में हुआ था और निधन २०५८ माघ १० गते बुधबार के दिन काठमांडू स्थित नर्भिक अस्पताल में हुआ था ।
सदभावना पार्टी द्वारा आयोजित श्रद्धांजली सभा की अध्यक्षता पार्टी के सहअध्यक्ष लक्ष्मणलाल कर्ण ने की थी तथा कार्यक्रम का संचालन विनोदकुमार विश्वकर्मा ‘विमल’ ने किया था ।

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