कैसा रहा नेपाल में महामहिम रंजीत राय जी का कार्यकाल ?
आपने हर चुनौतियों का सामना अत्यन्त समझदारी के साथ किया है और उनके इस सफल कार्यकाल में उनका विशेष साथ डी.सी.एम. विनय कुमार जी ने दिया है । आपने हर कदम पर राजदूत महोदय का साथ दिया है । ऐसे भी हर व्यक्ति एक टीम को लेकर ही कार्य करता है और उसे सफलता के अंजाम तक पहुँचाता है ।
विपरित परिस्थितियों में श्री रंजीत जी ने गजब धैर्य का परिचय दिया:डॉ. श्वेता दीप्ति

कई मरतबा आप का व्यक्तित्व खुद आपका परिचय देता है । क्योंकि चेहरा खुद बोलता है । भारतीय राजदूत महामहिम रणजीत राय जी की शख्सियत भी कुछ ऐसी ही है । शांत और सौम्य व्यक्तित्व खामोशी में भी बोलती हुई आँखें, चेहरे पर मृदुल मुस्कान और शांत तथा सहज व्यवहार ये सारी बातें तालुकात रखती है, श्रद्धेय रणजीत राय जी से । जब भी उनसे मिली एक सहज–सी मुस्कान भी उनके चेहरे पर खिल गई यही सहजता व्यक्ति को खास बनाती है ।
अपने कार्यकाल में कई उतार–चढ़ाव को उन्होंने देखा । नेपाल और भारत की मित्रता को कई कसौटी पर कसा जाता रहा है । नेपाल और भारत का रिश्ता जितना सहज है, उतना ही दुरुह भी । जहां अपनत्व है, तो वहाँ परायापन भी है । नेपाल की धरती पर भारत के हर कार्य को सशंकित नजरों से देखा जाता रहा है । नेपाल के लिए उठाया गया हर कदम भारत के लिए आलोचनाओं का सफर होता है । ऐसी परिस्थियों में भारत के किसी भी कूटनीतिज्ञ का नेपाल में राजदूत बन कर आना चुनौतियों से भरा हुआ होता है । क्योंकि भारतीय हर पल यहाँ स्पष्टीकरण देना होता है, यकीन दिलाना होता है जो सहज नहीं होता । अधिक पढ़ें
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