राज्य मधेशी जनता की जनमत की कद्र कर द्वन्द्व होने से रोके : डि. के. सिंह
डि. के. सिंह, चैत १८, बारा । जिस तरह नेपाल सरकार के उच्च ओहदा के पदाधिकारी लोगों का करामात मधेश में बढ़ता जा रहा है, युवाओं के ऊपर गाली–गलौज के सिलसिला पर बढ़ोतरी हो रही है । इससे साफ–साफ अंदाजा लगा सकते हैं कि शान्तिपूर्ण मार्ग में लगे युवाओं को सिडिओ÷एसपी, नेता जैसे लोग मधेशी युवा को उक्साने का काम कर रहे हैं । अगर नेपाली पदाधिकारियों की गतिविधि बढ़ती गई तो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आनेवाले समय, मधेश में रह रही पुलिस प्रशासन, सेना, कर्मचारी, पदाधिकारी, पहाड़ी समुदाय पर असर नहीं पड़ेगा । इतना ही नहीं जिस तरह आये दिन मधेशी युवाओं को गोली, गाली, बेइज्जती, देशद्रोही की संज्ञा दी जा रही है ।
बिहारी, धोती, मरसिया जैसे उपनाम से सुशोभित किया जा रहा है । मधेशी बेटी की इज्जत को लाइसेन्सी गुंडो ने लुट कर मृत्यु के मुख में झोक रहे हैं तो, इस बात से आक्रोश मधेशी युवाओं में तीब्र गति से वृद्धि हो रहा है । और इन सब को बचाने के लिए सुबाषचन्द्र बोस, भगत सिंह, सुकदेव सिंह, लालालाजपत राय, चन्द्रसेखर आजाद, खुदिराम बोस, जैसे लोगों का जन्म मधेश में भी होने का तय हो चुका है । और जैसे ही इन लोगों का जन्म होगा ठीक उसके वाद जातीय दंगा (पहाडी–मधेशी), नेपाल सरकार के पदाधिकारियों पर हमला होने जैसे बातों से नकारा नहीं जा सकता है । और ये सारी घटनाओं का श्रेय नेपाल सरकार को ही जाएगी । अगर वास्तव में नेपाल सरकार ऐसी परिस्थिति को रोकना चाहती है, तो सबसे पहले मधेश में नेपाली लाइसेन्सी गुन्डागर्दी बन्द करे, निर्दोष मधेशी जनता का दमन–शोषण ना करे, बेफजुल पकड़कर करागार में बन्द ना करे, मधेश में अपशब्द का भाषा ना बोले चाहे कोई नेता हो या प्रशासन, मधेशी जनता आजादी चाहती है, तो उसे तुरुन्त जनमत संग्रह कराके देश को एक नई दिशा दे ।
अगर ये सारी बातें नहीं हुई, तो मधेश में पहाड़ी–मधेशी द्वन्द्व जरुर होगा और ये सब का दोष सिर्फ नेपाल सरकार का ही होगा । आये दिन मधेश में नेपाली पुलिस द्वारा शान्तिपूर्ण आन्दोलन में लाठी, गोली चलाकर मधेशी युवाओं का मन क्षुब्द कर चुका है, जबकि वही काठमांडू में डि.एस.पी को लक्षित कर पेट्रोल बम मारने पर भी गोली नहीं चलता है । इसलिए जितना जल्द हो सके मधेश में जनमत संग्रह का ऐलान किया जाए । मधेशी जनता की जनभावना यदि स्वतन्त्रत है तो लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के अनुसार स्वतन्त्र मधेश अलग राष्ट्र बनाने में मदद कर दुनिया के लिए नेपाल सरकार एक अलग नया अपना इतिहास रचे ।


