मधेसी मोर्चे को ललचाने के लिए प्रधानमन्त्री को दूसरा प्रस्ताव
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ने स्थानीय चुनाव बहिष्कार की घोषणा किए मधेसी मोर्चा को सहमति में लाने के लिए दूसरी प्रस्ताव रखा हैं । प्रधानमन्त्री ने बुधबार मधेसी मोर्चा के दूसरे तह के नेताओं के साथ् हुए विमर्श में सरकार और मोर्चा के संयुक्त सहमति मे तैयार की गई पाँच बुँदे प्रस्तावों को संसद मे ले जाने की जानकारी दी हैं । उन्होने पाँच बुँदे प्रस्ताव संसद मे ले जाने से पहले संविधान संशोधन विधेयक को वापसी लेने का प्रस्ताव भी रखा हैं ।
पाँच बुँदे प्रस्ताव में सीमांकन विवाद के निराकरण लगाने के लिए शक्तिशाली आयोग की गठन , दो और पाँच नम्बर प्रदेश में स्थानीय तह की संख्या बढाने की , संशोधन विधेयक को प्रदेश सीमा फेर -बदल प्रस्ताव थाती राख कर अन्य विषयों को पारित करने की, स्थानीय तह द्वारा निर्मित नियम प्रदेश को कानुन विपरीत न होने की उल्लेख की गई हैं ।
जो पहले से पेश की गई है उसके बारे में अभीतक कोई निष्कर्ष निकाले भी नही लेकिन ललीपप दिखाकर मोर्चे को ललचाने के लिए प्रधानमन्त्री को दूसरा प्रस्ताव भी आ गया हैं । अब दिखते है कि ललीपप मधेसी मोर्चे के लिए अमृत है या विष ….!

