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बाढ़ग्रस्त गांवों में सबसे पहले मधेशी नागरिक समाज द्वारा राहत सामग्री पहुंचाई गयी : गणेश मंडल

 
गणेश मंडल, मधेशी नागरिक समाज के अध्यक्ष हैं

गणेश मंडल, काठमांडू, ११ जुलाई | पिछले शनिवार सप्तरी में अत्यधिक वर्षा होने की वजह से वहां की अधिकांश नदियों में बाढ़ आयी थी । इनमे से सबसे ज्यादा बाढ़ महुली और खाँड़ों नदी में आयी थी । इन दोनो नदियों की बाढ़ से सप्तरी के पोर्ताहा, मैनाकडेरी, मलेठ, पौंवा पिपराही, रायपुर, मलहनियां, सकरपुरा, तिलाठी सहित करीब १६ । १७ गांव ज्यादा प्रभावित हुए । यहां तक कि तीन सौ से पांच सौ परिवार घरबार विहीन हो गए । खेतीयोग्य जमीन भी कट गयी । इसी सन्दर्भ में मधेशी नागरिक समाज के अध्यक्ष गणेश मंडल से बातचीत की । पेश है हिमालिनी के साथ हुई बातचीत का मुख्य अंश
ड्ड बाढ़ पीड़ितों की अवस्था के बारे में बताइए ।
 पिछले शनिवार शाम को महुली और खांड़ों नदी में सबसे ज्यादा बाढ़ आयी थी । इन दोनों नदियों में आई बाढ़ से करीब १६ । १७ गांव प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए । इनमें से पोर्ताहा, मैनाकडेÞरी, मलेठ, पौंवा पिपराही, रायपुर, मलहनियां, सकरपुरा, तिलाठी ज्यादा प्रभावित हुए । करीब १४ । १५ सो परिवार प्रभावित हुए इस बाढ़ से । और करीब ३०० से ५०० परिवार घरबारविहीन भी हो गए । उनकी खेतीयोग्य जमीनें कट गयीं । बाढ़ के तीसरे दिन हम मानवीय सेवा की दृष्टि से कुछ राहत सामग्री लेकर हेलिकॉप्टर से बाढ़ग्रस्त गांवों में पहुंचे ।
मानवीय सहयोग करने का ख्याल कैसे आया ?
 देखिए, मेरी जन्मभूमि ही सप्तरी है । दूसरी बात मैं करीब १३ । १४ वर्षों से मधेश के लिए कुछ कार्य कर रहा हंू । अगर किसी की पीड़ा होती है, तो उसकी पीड़ा को मै अपनी पीड़ा समझता हंू । हम अपनी संस्था के जरिये मानवीय सहयोग के साथ–साथ अन्य समसामयिक विषयों में भी कार्य करते आ रहे हैं । मैं संस्मरण कराना चाहूँगा कि मधेशी नागरिक समाज की ओर से सबसे पहले कुछ राहत सामग्री लेकर हेलिकॉप्टर से बाढ़ग्रस्त गांवों में पहुंचने का कार्य मैंने ही किया ।
राहत सामग्रीयां आप कहां से जुटाए ?
 कुछ सामग्रियां हम अपनी संस्था के सदस्यों से, ३० से ४० प्रतिशत सामग्रियां नेशनल सिविल सोसाइटी और कुछ सामग्रियां व्यापारियों से जुटाए । राहत सामग्री उपलब्ध हो जाने के बाद नेपाल आर्मी के चीफ से हेलिकॉप्टर व्यवस्था करवाने के लिए आग्रह किया और उपलब्ध करवाये भी । इस प्रकार कम अवधि में जितनी सामग्रियां उपलब्ध हुईं, वही लेकर हम बाढ़ग्रस्त गांवों में गए ।
सात दिनों के बाद प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा जी पहुंचे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में । आप क्या कहना चाहते हैं ?
 सप्तरी में हर साल बाढ़ आती है । और इस बाढ़ से हजारों परिवार प्रभावित होते हैं । आप पिछले वर्षों का इतिहास देखिएगा तो साफ हो जाएगा कि सरकार की उपस्थिति हुई थी या नहीं । ज्यादा से ज्यादा सि.डि.ओ. की उपस्थिति होती है, वह भी सिर्फ दिखाने के लिए । अगर हम पहली बार राहत सामग्री लेकर हेलिकॉप्टर से नहीं जाते तो सरकार की आंखे वहां नहीं जाती । हमारी संस्था को देखकर ही एक हप्ते के बाद बाध्य होकर प्रधानमंत्री बाढ़ग्रस्त क्षेत्र पहुंचे । प्रधानमंत्री वहां कुछ राहत उपलब्ध करने की घोषणा भी की । अब यह देखना है कि बाढ़पीड़ित इस घोषणा से लाभान्वित हो पाएंगे या नहीं ।
अन्त में आप कुछ कहना चाहेंगे ?
 सर्वप्रथम मैं आपको और आपकी पूरी टीम को धन्यवाद देना चाहंूगा कि आपलोगो ने हिमालिनी प्रिन्ट व ऑनलाइन के जरिये मधेह के सवालों को प्रमुखता से उठाते आ रहे हैं । और उम्मीद करता हंू कि भविष्य में भी उठाते रहेंगे । मैं बाढ़पीड़ित लोगों से आग्रह करना चाहंूगा कि जिन्दगी में ढेर सारी समस्याएं आती हैं । इस समस्याओं को सामना करने के लिए आपको स्वयं आगे बढ़ना होगा । अपनी आवाज को उठानी होगी, जो दूसरों के आगे झुकने की नौबत न आए । आपके साथ हमारी संस्था हर वक्त तैयार है । राज्य की उपस्थिति हो या न हो, हमारी संस्था की उपस्थिति रहेगी । (गणेश मंडल, मधेशी नागरिक समाज के अध्यक्ष हैं ।)

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