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महिलाएँ ‘सुरक्षा’ के लिए सूट, साड़ी में ही आएं: हरियाणा का विभाग

 

महिलाओं की सेहत और चिंताजनक लिंगानुपात के विषयों पर सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा में ‘महिलाओं की सुरक्षा के लिए’ राज्य के महिला और बाल विभाग ने एक सरकारी आदेश के तहत कर्मचारियों को ‘भद्र कपड़ों पहनकर’ दफ्तर आने को कहा है.

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अनेक कामकाजी महिलाएँ पश्चिमी पोशाक ट-शर्ट, टॉप, जीन्स को सुविधाजनक कपड़े मानती हैं

विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर में भारतीय पोशाक को भद्र कपड़े माना गया है. हालाँकि कर्मचारियों, विशेष तौर पर महिला कर्मचारियों की दृष्टि से पश्चिमी पोशाक – टी-शर्ट, टॉप, जीन्स आदि को विभाग ‘भद्र कपड़े’ नहीं मान रहा है.

‘भद्र कपड़ों’ वाला ये निर्देश विभाग की तत्कालीन निदेशक रेणु एस फुलिया के कार्यकाल में ऑफिस सुपरिनटेंडेंट ने जारी किया. इसी महीने उन्हें करनाल की डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है.

भारतीय कपड़े – सूट, साड़ी आदि पहनें

बीबीसी के अरविंद छाबड़ा ने फोन पर रेणु फुलिया से पूछा कि क्या उनका विभाग जीन्स, टी-शर्ट या अन्य पश्चिमी पोशाकों के खिलाफ़ हैं?

“कुछ लड़कियाँ ऊँचे ऊँचे कपड़े पहनकर आ जाती थीं और उनमें से आगे-पीछे सब कुछ दिखता था. पुरुष भी पेंट-शर्ट में आएँ, कुछ लोग कुर्ते-पैजामें में आ जाते हैं. जब दफ्तर के लोग टिप्पणी करेंगे तो कुछ करना तो पड़ेगा. ये आदेश तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए ही है”

तत्कालीन निदेशक और करनाल की वर्तमान डिप्टी कमिश्नर रेणु एस फुलिया

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रेणु फुलिया का कहना था, “हमने कहा है कि जो भारतीय कपड़े हैं – साड़ी, सूट, पिजामी आदि – वहीं पहनकर दफ्तर आएँ. हम तो आठ घंटे के लिए उन्हें ऐसा करने के लिए कह रहे हैं. पश्चिमी कपड़े तो हमारे नहीं हैं न. हम उनके खिलाफ नहीं हैं लेकिन चाहते हैं कि आठ घंटे के लिए वे भारतीय पोशाक में आएँ. हैं. उसके पहले और बाद में वो जो मर्जी कपड़े पहनें.”

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जब उनसे इस आदेश को जारी करने का कारण पूछा गया तो रेणु फुलिया ने कहा, “कुछ लड़कियाँ ऊँचे ऊँचे कपड़े पहनकर आ जाती थीं और उनमें से आगे-पीछे सब कुछ दिखता था. पुरुष भी पैंट-शर्ट में आएँ, कुछ लोग कुर्ते-पजामें में आ जाते हैं. जब दफ्तर के लोग टिप्पणी करेंगे तो कुछ करना तो पड़ेगा. महिला और बाल विकास विभाग है तो महिलाओं की भलाई के बारे में सोचना होगा.”

कड़ी कार्रवाई की धमकी

दिलचस्प बात ये है कि ये आदेश ऐसे राज्य में जारी किया गया है जहां महिला और बाल कल्याण विभाग की मंत्री से लेकर वित्तीय आयुक्त, मुख्य सचिव और विभाग निदेशक तक सभी महिलाएं हैं.

हाल में सिविल सर्विसेज की परीक्षा में हरियाणा की ही शीना अग्रवाल अव्वल रही हैं. इसके अलावा अनेक लड़कियां खेलों में पदक जीतकर हरियाणा का नाम कर रही हैं. कुछ ने तो माउंट एवरेस्ट की चोटी को भी फतह किया है.

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लेकिन दूसरी तरफ हरियाणा कन्या भ्रूण हत्या, घटते लैंगिंग अनुपात और इज्जत के नाम पर होने वाली हत्याओं के कारण को लेकर सुर्खियों में रहता है.

सर्कुलर के मुताबिक इस निर्देश को न मानने वाले कर्मचारियों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा. महिला और बाल कल्याण विभाग की ज्यादातर कर्मचारी महिलाएं हैं.

source BBC.com

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