रसुवागढी–केरुङ अब अंतर्राष्ट्रीय नाका, भारतीय व्यापारी भी होंगे लाभान्वित
काठमांडू, १५ भाद्र ।
नेपाल ने आग्रह करने पर चीन ने रसुवागढी–केरुङ (नेपाल–चीन सीमा क्षेत्र) को अंतर्राष्ट्रय नाका घोषणा किया है । स्मरणीय है– इससे पहले इस नाका से सिर्फ नेपाल और चीन के नागरिक आवत–जावत कर सकते थे, इस घोषणा के बाद अब तीसरे मुलुक के नागरिक भी इस नाका से पास हो सकते हैं ।

नेपाल और चीन के बीच रहे एक मात्र अन्तर्राष्ट्रीय नाका ‘तातोपानी’ भूकम्प के बाद बन्द हो गया था । इसके कारण नेपाल सरकार ने बारबार चीन से अनुरोध करके ‘रसुवागढ़ी’ को अन्तराष्ट्रीय नाका बनाने के लिए आग्रह किया था । इसी आग्रह को मध्यनजर करते हुए चीन ने बुधबार उक्त नाका को अन्तर्राष्ट्रीय नाका घोषणा किया है । इस घोषणा के बाद उम्मीद किया जा रहा है कि नेपाल के आर्थिक विकास और बाह्य विश्व से संबंध रखने के लिए यह नाका सकारात्मक भूमिका निर्वाह कर सकता है । बताया जा रहा है कि दक्षिण एसियाली देशों में संपर्क विस्तार करने के लिए चीन, यह नाका प्रयोग करने जा रहा है । चीन ने इस नाका को प्रवेश मार्ग के रुप में लिया है । चिनियां पक्ष ने बताया है कि इसके ‘स्तरोन्तति’ पूरी हो चुकी है ।
रसुवागढी नाका सञ्चालन होने से भारतीय व्यापारी भी लाभान्वित हो सकते हैं । भारतीय व्यापारी इससे पहले तातोपानी नाका से सामान आयात करते थे, लेकिन उस नाका बन्द होने बाद समस्या हो रहा था । अब यह समस्या समाधान गया है ।
स्मरणीय है– रसुवागढी–केरुङ नाका चीन के स्वशासित क्षेत्र तिब्बत में पड़ता है । इस नाके से हम लोग चीन के प्रसिद्ध व्यापारिक स्थल सिगात्से और ल्हासा तक जा सकते हैं ।

