रोहिंग्या मुसलमानों पर हुई नरसंहार के बिरोध में बाँके में प्रर्दशन
नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल २०७४ भाद्र २८ गते । बाँके जिला के नेपालगंज में आर्ईतवार को अधिक संख्या में मुस्लमानों ने भाद्र २५ गते विरोध प्रदर्शन किया ।
बर्मा में रोहिंग्या मुसलमानों पर हुई नरसंहार की विरोध में बाँके जिला की नेपालगन्ज के नागरिकों ने प्रर्दशन किया ।
नेपालगन्ज स्थित जामा मस्जिद और इस्लामी संघ भेरी जोन की नेतृत्व में हुई विरोध प्रदर्शन नेपालगन्ज की बीपी चौक से शुरु होकर जिला प्रशासन कार्यालय बाँके में पहुचकर सम्पन्न हुआ था ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुये इस्लामी संघ के प्रमुख मौलाना उबेदुर रहमान खान ने रोहिंग्या मुस्सलमानों पर हुई अत्याचार को रोकने के लिये सभी लोगों को दबाब देना जरुरी है जिकिर किये थे ।
उन्होंने कहा ह्युमन राइट्स वाच नामक मानव अधिकारवादी संस्था ने गत साता जारी किया स्याटेलाइट इमेज में मुस्लिम क्षेत्र की अधिक भवन में क्षति पहुचाया है और आदमियों को जीवित ही जलाया गया । लेकिन सरकार ने रोहिंग्या विद्रोही अपने ही गाव को जलाया बताया गया सो उल्लेख करते हुये मानव अधिकारवादियों की सक्रिय होकर वह क्षेत्र में हो रही नरसंहार को रोकना और वास्तविक बातों को सार्वजानिक करने की माग किया ।
नेपालगंज में हुई प्रर्दशन में पूर्व श्रम मन्त्री मोहम्मद इस्तीयाक राई ने कहा नेपाल सरकार भी यह घटना की प्रति ध्यान दें इस की साथ साथ सम्बन्धित सरकार को दबाब देना जरुरी रही है बताया ।
इसी तरह मुस्लिम अगुवा मेराज अहमद हिमाल ने कहा बर्मा के मुस्लिमों पर हुई अत्याचार को नेपाली मुस्लिम कडा रुप में बिरोध किया है जिकिर करते हुये तत्काल नसंहार रोकने की मा“ग किया । जो इस तरह की नरसंहार किया वो इन्शान नही वो राक्षस रहें है बताया ।
इसी तरह नेपाल इक्रा एजुकेशन फाउण्डेशन के केन्द्रीय अध्यक्ष अब्दुल कबि ने बर्मा में लाखौ रोहिंग्या मुस्लिमों पर हत्या हुआ है बताते हुये कहा संयुक्त राष्ट्र संघ ने तत्काल शान्ति सेना भेजना जरुरी है जिकिर किया । जामा मस्जिद नेपालगन्ज के अध्यक्ष रहिस अहमद सिद्धिकी ने प्रमुख जिला अधिकारी को नरसंहार रोकने के लिये पहल करने के लिये ज्ञापन पत्र सौंप दिया ।
बिरोध प्रर्दशन में बा“के जिला के मुस्लिम, हिन्दु लगायत की सहभागिता रही थी जामा मस्जिद नेपालगंज ने जानकारी दी है ।
रोहिंग्या म्यान्मार व बर्मा में रहने वाले अल्पसंख्यक समूह है । बर्मा में दश लाख से अधिक रोहिंग्या रहें है अनुमान किया जाता है और उन लोग देश की उत्तर भाग राज्य में बैठते है । वह क्षेत्र भारत और बंगलादेश की सिमाना में पडती है ।



