७० प्रतिशत मगरमच्छ भारत चले जाते हैं
काठमाडौं–१३ सितम्बर
नेपाल में मात्र पाने अाैर संरक्षण की सूची में रहे घडियाल हरेक वर्ष लगभग ७० प्रतिशत भारत चले जाते हैं । मगरमच्छ का मुख्य आहार मछली जाडे के माैसम में दक्षिण की अाेर जाने के कारण मगरमच्छ भी उधर ही चले जाते है । यह जानकारी चितवन राष्ट्रिय निकुञ्ज के सहायक संरक्षण अधिकृत बेद बहादुर खड्का ने दी है ।
भारत के नदी में चले ताे जाते हैं पर
भारत के द्वारा बनाए बाँध काे पार नहीं कर सकने के कारण उधर ही रह जाते हैं ।
चितवन राष्ट्रिय निकुञ्जल घडियाल गोही प्रजनन् केन्द्र से हरेक बर्ष राप्ती अाैर नारायणी नदी में छोडे गए लगभग १ साै गोही में से ७० प्रतिशत भारत की नदी में चले जाते हैं ।
घडियाल संरक्षण के लिए चितवन राष्ट्रिय निकुञ्ज कसरा में २०३५ साल में घडियाल गोही प्रजनन् केन्द्र स्थापना किया गया था नारायणी अाैर राप्ती में हजारौं घडियाल छोडे गए पर उनमे से मध्ये ३० प्रतिशत मात्र नेपाल में रह जाते हैं ।

