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मंत्रियों के कारण सचिव सब आतंकित ! देखिए यह हैं– आतंक मचानेवाले मन्त्री !!

 

काठमांडू, १७ दिसम्बर । शेरबहादुर देउवा नेतृत्व में रहे वर्तमान सरकार की कार्यकाल समाप्त होने जा रही है । लेकिन देउवा–क्याविनेट में शामील कुछ मन्त्री सिंहदबार के भीतर सचिवों के बीच आतंक मचा रहे हैं । जाते–जाते कुछ मन्त्री व्यक्तिगत और पार्टीगत स्वार्थ में अपने निकटस्थ व्यक्तियों को राजनीतिक नियुक्ति दिलाना चाह रहे हैं । लेकिन मन्त्रालय मातहत के सचिव मन्त्रियों के दबाव को अनावश्यक और गैरकानूनी मानते हैं, इसीलिए मन्त्री द्वारा दी गई अनावश्यक दबाव के कारण सचिव लोग ऑफिस जाने के लिए ही ड़र रहे हैं । यह समाचार आज प्रकाशित अन्नपूर्ण पोष्ट में हैं । मन्त्री द्वारा दिया गया दबाव के कारण ही कुछ सचिव बिदा लेकर घर में ही बैठे हैं । कुछ सचिव हाजिर करने के तुरंत बाद ऑफिस से निकल जाते हैं । प्रधानमन्त्री कार्यालय के एक सचिव ने कहा– ‘प्रायः सचिव अन्यौलग्रस्त और आतंकित हैं ।’ पीडित सचिवों ने अपनी पीड़ा मुख्यसचिव लोकदर्श रेग्मी को भी बताया है ।

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इसतरह सचिव को परेशान करनेवाले कुछ भन्त्री हैं, उस में से हैं– सूचना तथा संचार मन्त्री मोहन बहादुर बस्नेत । बस्नेत नेपाल टेलिकम की प्रबन्ध निर्देशक कामिनी राजभण्डारी को हटाकर अपने निकट अनिल झा को वहां नियुक्त करना चाहते हैं । इसके लिए मन्त्री बस्नेत ने सचिव केदारबहादुर अधिकारी को दबाव दिया है । मन्त्रालय स्रोत के अनुसार झा को नियुक्त करने के लिए मन्त्री बस्नेत ने सचिव अधिकार से बहुत बार आग्रह किया है । मन्त्री बस्नेत ने टेलिकम के कार्यकारी सदस्य और रेडियो नेपाल के बोर्ड सदस्य नियुक्ति के लिए भी बादव दिया है ।
इसीतरह संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उडड्यन मन्त्री जितेन्द्रनारायण देव ने भी मन्त्रालय के सचिव को आतंकित किया है । उन्होंने लुम्बिनी विकास कोष के सदस्य सचिव, पशुपति क्षेत्र विकास कोष के बोर्ड सदस्य और तारागांउ विकास समिति के कार्यकारी निर्देशक परिवर्तन के लिए सचिव महेश्वर न्यौपाने को दबाव दिया है । इसतरह सचिव को अनावश्यक दबाव देनेवाले तीसरे मन्त्री हैं– आपूर्तिमन्त्री जयन्त चन्द । उन्होंने खाद्य संस्थान के महाप्रबन्धक, नेसलन ट्रेडिङ औरु साल्ट ट्रेडिङ कर्पोरेसन में रिक्त बोर्ड सदस्य नियुक्ति के लिए सचिव अनिलकुमार ठाकुर को दवाब दिया है । दुग्ध विकास संस्था में नयां महाप्रबन्धक नियुक्ति के लिए सचिव डा. विश्वनाथ ओली को दबाव आ रहा है । सिचाई मन्त्री संजयकुमार गौतम बाढ़ पीडितों के लिए ७ अरब निकासा के नाम में अर्थ मन्त्रालय में धर्ना में बैठे हैं । इधर प्रधानमन्त्री शेरबहादुर देउवा स्वयम् राष्ट्रीय बीमा संस्थान के प्रमुख में अपने ही सुरक्षा सल्लाहकार गणेशराज कार्की को नियुक्ति के लिए दबाव दे रहे हैं । प्रधानमन्त्री देउवा के कहने पर ही कर्मचारी संचय कोष के कार्यकारी प्रमुख में दीपक रौनियार को भी नियुक्त किया जा रहा है ।
मन्त्रियों के दबाव के कारण सचिव सब तनाव में है, इतना ही नहीं सरकार से बाहर रहे राजनीतिक दलों के कारण भी उन लोगों तनाब झलना पड़ रहा है । भावी सरकार के दावेदार नेकपा एमाले के कुछ नेताओं सचिवों को धमकी दिया है कि वर्तमान सरकार द्वारा होनेवाला महत्वपूर्ण निर्णय बाद में परिवर्तन किया जाएगा । एमाले महासचिव ईश्वर पोखरेल ने तो सचिव और मुख्य सचिव को खुला रुप में आग्र किया है कि मन्त्रियों की दबाव में कुछ भी नहीं किया जाए । लेकिन वर्तमान सरकार के प्रवक्ता तथा संचार मन्त्री मोहनबहादुर बस्नेत का कहना कुछ और ही है । मन्त्री बस्नेत कहते हैं कि वर्तमान सरकार ने अभी तक इस्तिफा नहीं दिया है, बहुमत प्राप्त यह सरकार आवश्यकता और अपने अनुकुलता के लिए जो कुछ भी कर सकता है ।

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