लाहान पुलिस कन्फ्युज या फिर मनमानी, चोरी घटना मे भी सार्वजनिक मुद्दा दायर
मनोज बनैता, सिरहा, ९ जनवरी । ईलाका प्रहरी कार्यालय लाहान “क” ने चोरी घटना मे भी सार्वजनिक मुद्दा दायर किया है । चोरी मुद्दा ना लगाकर सार्वजनिक मुद्दा दायर करने पर ई. प्र. का. लाहान के नीयत के उपर हजाराें सवाल खडा किया जारहा है । इतना ही नही कई लाेगाे का मानना है कि ऐसा रवैए अपनाकर लाहान पुलिस अपराधीयाेंकाे अाैर बल दे रही है । बीती रविवार की रात करीब १२ बजे लहान १९ निवासी रामसागर साफी के घर मे चोरी हुइ । साफी के घरमे सुरुंग बनाकर चोरी किया गया है । पारिवारिक सुत्र के अनुसार अहुजा कम्पनी का डिजे, मिक्सर, साफी के पत्नी देवकुमारी साफी के सङ्ग रहे आधा तोला का मंगलसुत्र और नाक मे लगे २ आना का फुली लगायत लाखाें रूपैए बराबर का सामान चोरी हुअा है । पीडित पक्ष द्वारा ९ जनवरी मङ्गलबार दिन के ४ बजे पत्रकार सम्मेलन किया गया । जिसमे पीडित ने लहान पुलिस उपर ये आरोप लगाया है कि ई.प्र.का लाहान ने कोई दिलचस्पी नही दिखाई है । रामसागर साफी की पत्नी देवकुमारी साफी के अनुसार घटना के रात चोरो ने उनके चेहरा कपडा से बाधने का कोसिस किया था लेकिन जब उनके बच्चे रोने लगे तब अचानक उनको पीट्ने लगा । पीडित रामकुमारी साफी कहती है कि उनहे चोरो ने जान से मारने के उदेश्य से गर्दन दबोचा था । साफी अपने आपको सम्भालके जोरो से गुहार गुहार करने लगी बस उसी क्षण उनके पति वहाँ पर आगया मगर अफसोस चोर तब तक घर की सफाई करचुके थे । लेकिन उनकी खुसकिस्मती थी कि उन्होने उन चोरो को पहचान लिया था । वे थे उन्ही के गाव के ५५ साल का रामकुमार यादव अाैर १९ साल का ध्यानी यादव । उस चाेरी घटनाके आरोपमे लहान पुलिस ने रामकुमार यादवकाे धरदबाेचा है पर ध्यानी फरार है । चोरी किए गए स्थल पर प्रमाण मिलने के वाद भी ईलाका प्रहरी कार्याल लहानका डिएसपी गणेश चन्द चोरीके उस मुद्दाको सार्वजनिक मुद्दा के तौर पर दर्ता किया है । डिएसपी चन्दके अनुसार कुछ हथियार घटनास्थलसे बरामद किया गया है लेकिन प्रमाणित नही हुवा है । प्रमाणित हाेते ही चाेरी मुद्दा दायर किया जाएगा । पीडित पक्ष ने आज जब लाहान के ईन्सपेकटर जुगेश्वर राउत से इस मामले मे बात की तो उन्होने फटकारते हुवे कहा “चले जाअाे यहाँ से पत्रकार लाेग के पास हम भी देखते है वो लोग क्या करते है।” हाल ही मे लाहान ईप्रका मे पोस्टिङ् हुवे डिएसपी के काम करने के ताैर तरिके पर लाहानबासी अब ये सबाल उठाने लगे है : क्या वास्तव मे वो कन्फ्युज है या फिर ये उनकी मनमानी है? क्या एक ईन्सपेकटर जैसे पोस्ट के लोगको अपने पदीय मर्यादा को ऐसे उल्घंन करना शोभा देता है ?



