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जब तक हूँ सुशासन और विकास कार्यों में कोई समझौता नही : लालबाबु राउत

 

बीरगंज ८ फागुन :- 

मुख्यमंत्री लालबाबू राउत का पर्सा में सम्मान, शाहिद स्मारक का शिलान्यास और अधिकारियों को कड़ा दिशानिर्देश।

प्रदेश नम्बर २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत गद्दी के गृह जिल्ला पर्सा में बीरगंज उधोग बाणिज्य संघ द्वारा एक सौ ११ किलो के माला से सम्मान किया गया। जिसमे उद्योगी गणेश लाठ ने बहुत ही मार्मिक शब्दो मे मुख्यमंत्री के पुराने दिनों को याद करते हुए स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने अपना वक्तव्य हिंदी में देते हुए कहा कि ‘प्रदेश के औद्योगिक नीति बनाते समय उद्योगी व्यवसायी से रायसलाह और सहकार्य किया जाएगा। राजनीतिक दल, उद्योगी व्यवसायी, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, नागरिकसमाज, पत्रकार सहित सभी के सहयोग से ही प्रदेश का विकास सम्भव है’। राजधानी के  विषय में  मुख्यमन्त्री कहा कि ‘बीरगंज को देश के आर्थिक राजधानी और जनकपुर को देश का धार्मिक तथा सांस्कृतिक राजधानी बनाने में प्रदेश सरकार पहल करेगा’ । पर्सा में प्रदेश के प्रथम मुख्यमन्त्री पाने के खुशी में कई जगहों पर स्वागत तथा सम्मान कार्यक्रम किया गया। बीरगंज उधोग बाणिज्य संघ, छपकैया वड़ा कार्यालय में सम्मान के साथ गोपालमण्डली धर्मशाला में पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा सम्मानित किया गया। 

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मुख्यमंत्री राउत पूर्व में शिक्षक रह चुके है, इसलिए कादम्बरी एकेडमी ने उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री अपने बाल्यकाल के स्कूल पोखरिया हाईस्कूल भी गए, वहां उन्होंने स्कूल का निरीक्षण कर शिक्षा नीति में बदलाव करने के आवश्यता पर जोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने पोखरिया नगरपालिका के कार्यालय का दौरा किया, जिसमे पोखरिया को व्यवस्थित शहर बनाने का संकल्प किया। पोखरिया के मेयर और उपमेयर ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने पर्सा के सीडीओ, एस. पी. और सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों के साथ बैठक किया। उन्होंने अधिकारियों को सुशासन और विकास के कार्यो में लगने का दिशानिर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कब तक रहेंगे ये तो पता नही, लेकिन जब तक रहेंगे सुशासन और विकास कार्यों में कोई समझौता नही होगा, और इस कार्य मे कोताही करने वाले को बख्शा नही जाएगा ।

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मुख्यमंत्री में अपने एक दिवसीय जिला भ्रमण में तूफानी दौड़ा किया। आंदोलन से समय एक ही दिन पांच शहीद हुए थे, जिनकी अंत्येष्टि तिलावे नदी में हुआ था, मुख्यमंत्री उसी जगह पहुच कर शहीद स्मारक बनाने के लिए शिलान्यास किए साथ ही पोखरिया पहुचकर शहीद चंदन पटेल के शालिक पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री के धुँवाधार कार्यक्रम से लोगों में उम्मीद बंधी है, उन्हें नायक फ़िल्म का अनिल कपूर कहा जा रहा है ।

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