बलानबिहुल गाउपालिका में तालाबन्दी, गाँवसभा हुअा बहिष्कार
सप्तरी,२ चैत । बलान बिहुल गाउपालिका के प्रथम गाँवसभा बिबाद के दलदल से ना निकलने के कारण गाँवसभा को ही रद्द किया गया है । चैत १ गते जिस गाँवपालिका भवन से गाँवसभा का घोषणा होना था वो कार्यालय को अनिश्चितकाल के लिए तालाबन्दी किया गया है । स्थानीय कानुन संवत् गाँवसभा ना बुलानेजानेके कारण स्थानियवासीयाें ने तालाबन्दी की है । स्थानीय ऐन कानुन के अनुसार सभा घोषणा करने के एक हप्ता पहले वहाँ के जनता को सुचित करना होता है मगर बलान बिहुल गाउपालिका के अध्यक्ष लगायत के गाउपालिका का प्रतिनिधियाें ने हरेक स्थानीय ऐन कानुनकाे लतमर्दन करनेका आरोप है । स्थानीय लाेगाेंके अनुसार यहाँ के अध्यक्ष लगायत के पदाधिकारीयाें ने ३० गते फागुन मे गाेप्य ढंग से बैठक किई और १ गते चैतमे गाउँसभा बुलाया जिस वजह से स्थानियो ने सभाको हि बहिष्कार किया । गाउपालिका का प्रमुख एवं वार्ड प्रतिनिधियाें ने पारदर्शी निर्णय नाकर जनता के साथ गद्दारी करनेका आरोप है । बलान नदिऔर बिहुल नदि के मध्यमे अवस्थित ये छोटासा गाउपालिका बोदेबरसाईन नगरपालिका से अलग हुवा है । अधिकांश नगरपालिका अाैर गाउपालिका बजेट सार्वजनिक कर बिकास कामकाे अागे लेजारहा है परन्तु बलान बिहुल गाउपालिका अभी भी कार्यालय भवन के सवाल मे विवादित है । हाल गाउपालिका भवन साविक के मल्हनिया गा.वि.स भवनमे है । उक्त कार्यालय सभीको समदुरी होने के लिए रुबि पोखरी के पास या धामी पोखरी के नजदिक ले जाने का प्रस्ताव आया पर वार्ड १ और २ का प्रतिनिधियाें द्वारा अस्वीकार होता आया है । जम्मा ६ वार्ड का ये गाँवपालिका बिकास के सवाल मे बहुत ही पीछे है । सडक, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ जैसे अति संबेदनशील पुर्वाधार रहित ये गाँवपालिका पंचायतीकाल से ही ऐसी नाटकीय विवाद के कारण विकास काम से मिलाें दूर रहने की बात स्थानीयवासी बताते है । स्थानीय माओवादी के नेता छ्त्र नारायण यादव गाउँपालिका का अध्यक्ष दयानन्द गोईत के क्रियाकलाप से नाखुस है । वो कहते है ” हमारे अध्यक्ष लगायत के जनप्रतिनिधिसब अपने अपने निजी स्वार्थमे लगे है । वो सब बिकास से ज्यादा चुनावमे खर्च हुवे पैसे ब्याज सहित उठानेके गणितीय खेल मे लगे है ।” राजपा का नेता रामेश्वर यादव कहते है ” देश संघियता का स्वाद लेनेमे लगा है पर हमारे अध्यक्ष सामन्तवाद के दामन थामे हुवे है ।”







