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सर्लाही में दो डॉक्टरों ने असहायों को निशुल्क शल्यक्रिया कर मृत्यु के मुह से बचाया

 

मलंगवा । 2074-12-7 को सर्लाही जिल्ला के मलंगवा का भ्रमण रहा। वहाँ पे (ब्रह्मभूमि हेल्थ रिसर्च सेंटर) संस्थापक एक ऐसे देव तुल्य चिकित्सक दम्पति से मुलाक़ात हुई जो इस घनघोर कलिकाल में भी वहाँ के लोगों के लिए स्वास्थ और भरोसा का केंद्रबिंदु बने हुए है। नाम है डा.राकेश कुमार सिंह (पि एच डी) आयुर्वेद तथा बाल रोग विशेषज्ञ और डा.श्रीमती आशा झा (एम डी) स्त्री तथा प्रसूति रोग विशेषज्ञ। इन दोनों के अथक परिश्रम ने पिछले दो वर्षों में हजारों को निशुल्क इलाज कर (सेवा परमों धर्म) कथन को चरितार्थ कर दिखाया है। कितनो गरीव असहाय माँ बहनों तथा गर्भवतियों का निशुल्क शल्यक्रिया कर मृत्यु के मुह से बचाया है। लोग गुणगान करते नहीं थक रहे थे। दो वर्षों में एक भी मरीज को अन्य जगह रेफर नहीं करना पड़ा। जो मरीज रोते हुए आए वो सब के सब अबतक हँसते हुए घर लौटे हैं।

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सराहनीय बिन्दु तो तब महशुस हुआ जब अपरेसन थिएटर के आधुनिकतम रूप देखने को मिला। साथहि मलंगवा जैसे पथरीले जगह पे अत्याधुनिक पैथोलोजी की ब्यवस्था को देख दिल धन्यवाद से भर आया। आटोमेटिक एक्स रे, मशीन और क्या क्या नहीं देखने को मिला! समय समय पर ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर करना। 40% मरीजों को निशुल्क जाँच का व्यवस्था रखना यह आज के समय में सचमुच आश्चर्य का विषय लगता है। लेकिन इससे भी आश्चर्य तब हुआ जब यह जानकरी मिली की यहाँ तो जनकपुर से लोग इलाज के लिए आते हैं। खासकर मधुमेह और रक्तचाप बाले और संतुष्ट होकर जातें हैं। यह (ब्रह्मभूमि हेल्थ रिसर्च सेंटर) वास्तवमे ब्रह्म के समान ही अद्वितीय और अनुकरणीय है। कोई विरला ही दिल्ली और काठमांडू जैसे राजधानी को तथा सरकारी सुविधायुक्त जीवन शैली को त्याग कर दुर्गम गाव में अपनी कार्यक्षेत्र को चुनता है। यह साधारण त्याग और चुनौती नहीं है जो इन दिव्य जोड़ीयों ने स्वीकार किया है। इन दोनों को कोटी कोटी धन्यवाद दिए बिन रहा नहीं जाता। जय हो! अजय कुमार झा

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