अाज हाेगी अाेली अाैर माेदी की वार्ता यह है एेजेन्डा
नई दिल्ली -७ अप्रेल
प्रधानमन्त्री ओली अाैर मोदी के बीच शनिबार दाे चरण में वार्ता हाेगी । हैदराबाद हाउस में सुबह ११ः३० बजे रेस्ट्रिक्टेड वार्ता अाैर उसके बाद प्रतिनिधिमण्डल स्तरीय वार्ता हाेगी । दिवाभोज सहित अढाइ घन्टा मोदी अाैर ओली साथ रहेंगे ।
रेस्ट्रिक्टेड वार्ता में ओली के साथ परराष्ट्रमन्त्री प्रदीप ज्ञवाली, उद्योग वाणिज्यमन्त्री मातृका यादव, प्रधानमन्त्री के मुख्य सलाहकार विष्णु रिमाल, मुख्यसचिव लोकदर्शन रेग्मी, परराष्ट्रसचिव शंकरदास बैरागी, कार्यबाहक राजदूत भरतकुमार रेग्मी तथा नेपाली दूतावास के राजनीतिक काउन्सिलर हरि ओडारी रहेंगे।
कार्यतालिका के अनुसार प्रतिनिधिमण्डलस्तरीय वार्ता में प्रधानमन्त्रीसहित १३ लाेग सहभागी हाेंगे । उपराष्ट्रपति बैंकया नायडु के साथ भेट में नौ लाेग, गार्ड अफ अनर कार्यक्रम में प्रधानमन्त्री ओली, पत्नी राधिका शाक्यसहित १५ लाेग सहभागी हाेंगे । भारतीय प्रधानमन्त्री मोदी द्वारा अायाेजित हैदराहाउस मे हाउस में दिवाभोज में प्रधानमन्त्रीदम्पती सहित २६ लाेग सहभागी हाेंगे।
बात चीत का एजेन्डा
-महाकाली सन्धिके अनुसार पञ्चेश्वर परियोजना का विस्तृत प्रतिवेदन के समाधान का नेपाल आग्रह करेगा। प्राविधिक तह में नेपाल का लाभ सम्बोधन हाेने पर बल ।
-प्रतिबन्धित हजार अाैर पाँच साै के भारतीय नोट के सहजीकरण का अाग्रह ।
-जनकपुर, नेपालगन्ज, महेन्द्रनगर से ‘एयर इन्ट्री’ अनुमति के लिए नेपाल का प्रयास हाेने पर विराटनगर से भी जहाज आने की धारणा नेपाल रखेगा । इस विषाय में नेपाल अाैर भारत के बीच की वार्ता निष्कर्षविहीन हाेती अाई है ।
-इनर्जी बैंकिङ के लिए प्रस्ताव की सरकारी तैयारी है । इसके लिए उत्तरप्रदेश अाैर बिहार सरकार के साथ सहजीकरण नेपाल की माँग हाेगी ।
-नेपाली उत्पादन का भारतीय बजार में सहज पहुँच का प्रस्ताव । नन ट्यारिफ ब्यारिअर हटाने का प्रस्ताव ।
– भारतीय अनुदान तथा ऋण में बनने वाले परियोजनाअाें में सामग्री, ठेकेदार जैसे बिषय में भारतीय अडान नहीं रखने का अाग्रह
– युरिया मल, डीएपी, पोटास का नियमित आपूर्ति के लिए आग्रह , गोरखपुर से ग्यास पाइपलाइन काठमाडौं ले जाने के बिषय में विचार ।
– नेपाल अाैर भारत के बीच विगत में हुए ऊर्जा व्यापार सम्झौता कार्यान्वयन सम्झौता को स्पिरिट के आधार में करने का प्रस्ताव नेपाल फिर से रखेगा ।
– कोसी सम्झौता के अनुसार कोसी ब्यारेज के दश किलोमिटर व्यास में भारतले बिजली उपलब्ध के विषय में भारत का ध्यानाकर्षण तथा गण्डक लगायत अन्य स्थान के डुबान के बिषय में भी ध्यानाकर्षण कराया जाएगा ।
– अरुण तिसरे का शिलान्यास हाेने की अवस्था में उपरी कर्णाली जलविद्यूत आयोजना शीघ्र कार्यान्वयन के लिए जीएमआर के साथ सहजीकरण का आग्रह ।
– दोधारा–चाँदनी सीमा पार कनेक्टिभिटी पर बल।
– कोशी नदी में पानीजहाज सञ्चालन के लिए सहजीकरण का नेपाल का प्रस्ताव।
-बीरगञ्ज तक आने बाला कार्गो सुनौली अाैर जोगबनी तक लाने की व्यवस्था का अाग्रह।
– सार्क प्रक्रिया अागे बढाने का भारत से आग्रह ।
– चीन अाैर भारतीय निवेश संयुक्त परियोजना निर्माण में नेपाल का बल हाेगा । भारतीय निवेशकर्ता के निवेश अाैर भौतिक सुरक्षा का प्रत्याभूति हाेने का विश्वास नेपाल देगा ।


