मन्त्री थापा और महासेठ बीच विवादः ‘काम चोर’ ठेकेदारों के पक्ष में मन्त्री महासेठ !?
काठमांडू, १८ जून । गृहमन्त्री रामबहादुर थापा और भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्री रघुवीर महासेठ के बीच विवाद बढ़ गया है । निर्धारित समय में काम सम्पन्न करने में असफल अर्थात् ‘काम चोर’ ठेकेदार को कारवाही करना है या नहीं ? इस विषयों को लेकर दो मन्त्रियों के बीच विवाद शुरु हो गया है । गृहमन्त्री थापा ने ‘कामचोर’ ठेकेदारों के ऊपर कारवाही प्रक्रिया शुरु की थी, लेकिन भौतिक पूर्वाधार मन्त्री महासेठ उसके प्रतिवाद में उतर आए हैं । यह समाचार आज प्रकाशित नागरिक दैनिक में है ।

मन्त्री महासेठ ने आइतबार एक कार्यक्रम में कहा है– ‘मैं किसी भी व्यवसायियों को गिरफ्तार होने नहीं दूंगा ।’ उनका यह भी कहना था कि अगर कोई व्यावसायी गिरफ्तार हो जाते हैं तो उनको छोड़ दिया जाएगा । उन्होंने कहा है– ‘अगर कोई गिरफ्तार होते हैं तो तत्काल मुझे खबर कीजिएगा ।’
लेकिन इसके विरुद्ध में दिखाई देते हैं– गृहमन्त्री थापा । उन्होंने निर्धारित समय में काम नकरनेवाले ठेकेदारों की सूची संकलन कर गिरफ्तार करने के लिए जिला प्रशासन को आदेश भी दिया है । गृहमन्त्री के आदेश अनुसार स्थानीय प्रशासन ने काम शुरु करने के कारण भौतिक पूर्वाधार मन्त्री महासेठ प्रतिबाद में उतर आए हैं । स्मरणीय है, इससे पहले यातायात क्षेत्रों की सिण्डिकेट तोड़ने के लिए भी गृहमन्त्री थापा और यातायात मन्त्री महासेठ के बीच विवाद दिखाई दिया था ।

