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संविधान संशोधन के लिए प्रधानमन्त्री सकारात्मकः केशव झा

 

राजपा ने दिया प्रधानमन्त्री को ज्ञापनपत्र

काठमांडू, २० जुलाई । राष्ट्रीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली के साथ आज (शुक्रबार) भेटवार्ता किए है । भेटवार्ता में संविधान संशोधन लगायत समसामयिक विषयों में राजपा ने प्रधानमन्त्री को ज्ञापनपत्र देकर विचार–विमर्श किया है । भेट में सहभागी राजपा नेता केशव झा ने हिमालिनी से कहा कि संविधान संशोधन, नेता–कार्यकर्ताओं के ऊपर लगा गया फर्जी मुद्दा की वापसी, बाढ़ पीडितों को राहत और डा. गोविन्द केसी की सुरक्षा संबंधी मांग को लेकर राजपा के शीर्ष नेता प्रधानमन्त्री से मिलने के लिए गए थे । भेटवार्ता में राजपा संयोजक महन्थ ठाकुर, नेता राजेन्द्र महतो, शरतसिंह भण्डारी, महेन्द्र राय यादव, राजकिशोर यादव और केशव झा सहभागी थे ।
प्रधानमन्त्री के साथ मिलने के बाद नेता झा ने कहा– ‘संविधान संशोधन के लिए प्रधानमन्त्री ओली सकारात्मक हैं । लेकिन प्रधानमन्त्री चाहते हैं कि उससे पहले फर्जी मुद्दा वापसी, डा. गोविन्द केसी की समस्या समाधान लगायत जनसरोकार की अन्य समस्या समाधान हो सके ।’ इधर प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली निकट स्रोत का मानना है कि राजपा द्वारा उठाया गया कई मांग असान्दर्भिक हो चुका है । इसीलिए प्रधानमन्त्री ओली ने राजपा के नेताओं से आग्रह किया है कि राजपा अपनी कुछ मांगों में पुनर्विचार करें । लेकिन इस बात को अस्वीकार करते हैं, नेता झा । उनको मानना है कि राजपा के मांग के प्रति प्रधानमन्त्री सकारात्मक हैं ।
प्रधानन्त्री निकट स्रोत को कहना है कि भेटवार्ता के क्रम में प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘कल तक आप लोगों की जो मांग थी, आज वह असान्दर्भिक हो चुका है, इसमें आप लोगों को पुनर्विचार करना होगा ।’ इसीतरह संविधान संशोधन के सन्दर्भ भी प्रधानमन्त्री ओली ने अपना पुराना ही कथन दुहराया है । उन्होंने कहा– ‘आवश्यकता और औचित्य की आधार में संविधान संशोधन हो सकता है ।’ हां, संविधान में जो त्रुटी है, उसमें विचार–विमर्श के लिए प्रधानमन्त्री राजी हैं । लेकिन प्रधानमन्त्री ने कहा कि इसी में उलझकर रहने की कोई भी आवश्यकता नहीं है ।
प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि अब देश में विकास की आवश्यकता है, उसके लिए काम करना चाहिए । तराई–मधेश की वृहत्तर हित और विकास के संबंध में योजना बनाने के लिए भी उन्होंने राजपा के नेताओ के साथ आग्रह किया है । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि तराई विकास, चुरे संरक्षण, तटबन्धन निर्माण, उद्योग स्थापना आदि विषयों में विचार–विमर्श की आवश्यकता है ।

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