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मंत्री ज्ञानेन्द्र यादव ने गृहमन्त्री को दी चेतावनी, नागरिकता सम्बन्धी व्यवधान यथाशीघ्र दूर करने को कहा

 

जनकपुरधाम | प्रदेश नम्बर दो के आन्तरिक मामला तथा कानून मंत्रालय द्वारा मंत्री ज्ञानेन्द्र कुमार यादव ने गृहमंत्रालय सिंहदरबार को पत्र लिख कर नागरिकता सम्बन्धी व्यवधान को यथाशीघ्र दूर करने का अनुरोध किया है । गृहमंत्रालय को भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि नेपाली नागरिक के संतान को सहज और सुुलभ तरीके से नागरिकता वितरण करने का निर्देशन शीघ्र दी जाय । पत्र में उल्लेख है कि नेपाल के संविधान धारा १८(२) में सामान्य कानून के प्रयोग में उत्पत्ति, धर्म, वर्ण, जात, जाति, लिंग, शारीरिक अवस्था, अप्रग, स्वास्थ्य स्थिति, वैवाहिक स्थिति, गर्भावस्था, आर्थिक अवस्था, भाषा वा क्षेत्र, वैचारिक आस्था या ऐसे कोई भी आधार में भेदभाव नहीं किया जाएगा ।

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इसी तरह संविधान के धारा १०(१) में कोई भी नेपाली नागरिक को नागरिकता के हक से वंचित नहीं करने का प्रावधान है । इसी तरह नेपाल के संविधान के धारा ११ के उपधारा १,२ और ३ के अनुसार नेपाल में जन्मसिद्ध नागरिकता प्राप्त व्यक्ति के संतान को नागरिकता प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होने का प्रावधान है । बावजूद इसके संघीय व्यवस्था लागू होने क बाद भी संघीय कानून नहीं बनने का बहाना बनाकर नागरिकता प्रदान करने वाली निकाय जिला प्रशासन कार्यालय तथा प्रमुख जिला अधिकारी द्वारा जन्म के आधार में नागरिकता प्राप्त व्यक्ति के संतान को नागरिकता देने में बहानाबाजी करने की अनेक शिकायत सामने आ रही है । हाल में जातीय विभेद विरुद्ध के संयुक्त राष्ट्र« संघीय समिति की बैठक में भी इस विषय पर चिन्ता व्यक्त की गई है । आगे उल्लेख है कि किसी भी सरकार के कानूनी शासन के प्रति की प्रतिबद्धता का अर्थ उनके द्वारा निर्वाह करने की संवैधानिक सर्वोच्चता के सिद्धान्त तथा न्यायपालिका के प्रति सम्मान करने का विषय है इस समस्या से मधेशी समुदाय हमेशा से प्रभावित है, इस तथ्य को हृदंयगम कर के इस समुदाय को देश के प्रति अपनत्व से ग्रहण कर उनके लिए भी सम्मानजनक कानूनी और संरचनात्मक व्यवस्था की उम्मीद हम करते हैं । पत्र में उल्लेखित है कि संविधान और सर्वोच्च अदालत के निर्णय अनुसार जन्मसिद्ध नागरिक के संतान को नागरिकता प्राप्त करने में कोई कठिनाई नही होनी चाहिए इसलिए इसे सरल और सहज बनाने के लिए यथाशीघ्र व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है ।

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