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कैसे करे नागपंचमी में कालसर्प दोष का निवारण : आचार्य राधाकान्त शास्त्री 

 
नागपंचमी  :-
कुंडली काल सर्प दोष , राहु – केतु दोष एवं पितृ दोष व ग्रह-नक्षत्रों की कुछ विशेष दशाओं के अनुसार इस दिन कुछ विशेष उपाय करना अवश्य सब के लिए शुभ फलदायी हो सकता है।
सफेद कमल का फूल का विशेष  महत्व है
नागपंचमी के दिन सफेद कमल के  फूल से घर या शिवमंदिर में पूजन अर्चन कर घर के पूजा स्थल या तिजोरी में रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में लक्ष्मी आती है। इस दिन नाग के दर्शन कर सकते हैं लेकिन उनकी पूजा की बजाय बांबी (जिसमें वे रहते हैं) की पूजा करें।
शिव मंदिर में भी करें  पूजा :-
किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर सोना ,चांदी, ताम्बा, पीतल, लोहा का जोड़ा सर्प चढ़ावें और प्रतीकात्मक नाग पर जल में दूध मिलाकर अभिषेक पूजन करें। इस पूजा में विशेष रूप से पीले फूल और चंदन का प्रयोग करें।
अड़चनों का समाप्ति के लिए :-
पूजा अभिषेक के पश्चात “ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा” मंत्र का 108 बार जप करें एवं सुविधा के अनुसार महामृत्युंजय मन्त्र का 11,33,63,या 125 हजार जप करने से समस्त ग्रह दोष, व काल सर्प दोष दूर होते हैं और जीवन में आने वाली अनावश्यक परेशानियां समाप्त होती हैं, कामों में अड़चनें नहीं आती है ।
इस दिन प्रात:काल (सूर्योदय से पूर्व) उठें और स्नानादि से निवृत्त होकर खीर  तथा अन्य प्रसाद में चढ़ाए जाने वाले पकवान बनाएं।
नागपंचमी की विशेष पूजा :-
अब घर के किसी साफ स्थान या पूजा स्थल की किसी दीवार पर एक चौकोर हिस्से को गेरू रंग करें, इसकी जगह दीवार पर गेरुआ रंग का कपड़ा भी लगा सकते हैं। अब कच्चे दूध में कोयला घिसकर गोबर में मिला कर उससे उस स्थान पर एक घर की आकृति बनाते हुए उसमें कई सारे सर्पाकार चित्र बनाएं ।
अब दुर्वा, अक्षत, फूल, सुगंधित चंदन धूप दीप नैवेद्य आदि के साथ इसकी पूजा करें।
पुनः अपने कुल परंपरा के अनुसार कुल देवताओं की पूजा, हनुमत ध्वजा की स्थापना पूजन करें ,
नागपंचमी के विशेष पूजन अभिषेक व श्रृंगार के पुण्य प्रभाव एवं मनोकामना महादेव की विशेष कृपा से सबके जीवन मे उत्तम आयु आरोग्यता , विद्या, बुद्धि, पद प्रतिष्ठा, सुख सौभाग्य , सन्तति , संतान, नौकरी आजीविका , कार्य व्यवसाय, समृद्ध  जीवन साथी के साथ उत्तम दाम्पत्य जीवन प्राप्त हो ,
आचार्य राधाकान्त शास्त्री
आचार्य राधाकान्त शास्त्री

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