दर्द तो है इस बात का दिल में कि, सांसे देकर धड़कन ने साथ छोड़ दिया ।
कुछ खूबसूरत लम्हों ने साथ छोड़ दिया
कि हसीं ख्वाबों ने साथ छोड़ दिया ,
दर्द तो है इस बात का दिल में कि,
सांसे देकर धड़कन ने साथ छोड़ दिया ।
मेरे जज्बात पर भरोसा नहीं किया हवाओं ने
मेरी मासूमियत पर तरस नहीं खाया घटाओं ने ,
कड़क बिजली की कौंध नयनों को झकझोर दिया
दो बूँद भींगाकर बारिश ने साथ छोड़ दिया ।
तो क्या हुआ गर सावन के झूले टूट गए ?
तो क्या हुआ गर खुशियों के पल रूठ गए ?
गम तो है सिर्फ इस बात का दिल में कि
अपना बनाकर अपनों ने मुँह मोड़ लिया ।
ति.मा. भागलपुर वि.वि.भागलपुर


