Fri. Apr 24th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

दर्द तो है इस बात का दिल में कि, सांसे देकर धड़कन ने साथ छोड़ दिया ।

 

प्रिया मिश्रा

कुछ खूबसूरत लम्हों ने साथ छोड़ दिया

कि हसीं ख्वाबों ने साथ छोड़ दिया ,

दर्द तो है इस बात का दिल में कि,

सांसे देकर धड़कन ने साथ छोड़ दिया

मेरे जज्बात पर भरोसा नहीं किया हवाओं ने

मेरी मासूमियत पर तरस नहीं खाया घटाओं ने ,

कड़क बिजली की कौंध नयनों को झकझोर दिया

दो बूँद भींगाकर बारिश ने साथ छोड़ दिया ।

तो क्या हुआ गर सावन के झूले टूट गए ?

यह भी पढें   प्रदेश संरचना समाप्त करने के लिए राप्रपा सरकार को समर्थन करेगाः शाही

तो क्या हुआ गर खुशियों के पल रूठ गए ?

गम तो है सिर्फ इस बात का दिल में कि

अपना बनाकर अपनों ने मुँह मोड़ लिया । ति.मा. भागलपुर वि.वि.भागलपुर

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *