पंडित समूह द्वारा नेपाल को हिन्दू राष्ट्र घोषणा के लिए दबाव
काठमांडू, २८ अक्टूबर । सनातन हिन्दू धर्म में आस्थावान पंडितों की एक समूह ने नेपाल को पुनः हिन्दू राष्ट्र घोषणा करने के लिए मांग किया है । उन लोगों का कहना है कि नेपाल में ९३ प्रतिशत जनता ओमकार परिवार के भीतर रहते हैं, इसीलिए नेपाल को पुनः हिन्दू राष्ट्र घोषणा करनी चाहिए । काठमांडू में शनिबार सम्पन्न ५वें पंडित सम्मेलन ने ११ सूत्रीय घोषणापत्र जारी करते हुए इसतरह का मांग किया है ।
जारी घोषणपत्र में कहा गया है कि जनआन्दोलन का मांग नेपाल को धर्मनिरपेक्ष बनाना नहीं था, लेकिन उसके विरुद्ध जाकर नेपाल को धर्म निरपेपक्ष बनाया गया है । कार्यक्रम में बोलते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा प्राडा माधव भट्टराई, कार्यक्रम संयोजक पवित्रबहादुर खड्का, प्राध्यापक श्रीकृष्ण अधिकारी आदि वक्ताओं ने कहा कि अब पंडितों को ही समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए ज्ञान और क्षमता में वृद्धि करनी चाहिए ।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यमन्त्री कान्ता भट्टराई ने ‘वर्तमान कानून में व्यवस्थित धर्मशास्त्र के साथ महिला संबंधी विवादित कानूनी व्यवस्था’ विषयक कार्यपत्र प्रस्तुत किया था । इसीतरह नेपाल संस्कृति विश्वविद्यालय वाल्मिकी विद्यापीठ धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्राडा देवमणि भट्टराई ने ‘धार्मिक क्षेत्र में व्याप्त समस्या’ विषयक कार्यत्रप प्रस्तुत किया । सम्मेलन में हिन्दू, बौद्ध, जैन, सिख समुदाय के पंडित, पुरोहित, लामा, ज्योतिष जैसे ५ सौ से अधिक व्यक्तित्व सहभागी थे ।

