बंदी प्रत्यक्षीकरण संबंधी रीट खारेज, डा. राउत की रिहाई की सम्भावना खत्तम
काठमांडू, ३ दिसम्बर । राज्य विप्लव के आरोप में गिरफ्तार स्वतन्त्र मधेश अभियान के संयोजक को डा. सीके राउत को धरौटी तथा साधारण तारीख में रिहाई करने के लिए सर्वोच्च अदालत ने अस्वीकार किया है । डा. राउत की पक्ष में की गई बन्दी प्रत्यक्षकरण संबंधी रीट को खारीज करते हुए सर्वोच्च ने ऐसी फैसला की है । राउत की निवेदन पर सुनुवाई करते हुए न्यायाधीश द्वय दीपकराज जोशी और बम कुमार श्रेष्ठ की संयुक्त इजलास ने उक्त फैसला किया है । सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि डा. राउत को राज्य विरुद्ध की संगठित मुद्दा में बयान के लिए उनको रौतहट जिला अदालत में पेश किया जाए ।
स्मरणीय है, गत आश्वीन २१ गते डा. राउत को रौतहट से ही गिरफ्तार किया गया था । उसके विरुद्ध कार्तिक १२ गते सर्वोच्च अदालत में बन्दी प्रत्यक्षकरण संबंधी रीट दायर की गई थी । एक महीना से भी अधिक समय लागाकर सर्वोच्च ने राउत की मुद्दा में सुनुवाई करते हुए आज दायर रीट को ही खारीज किया है ।

