नेपाल का प्यारा झण्डा

हमारे देशका प्रचम बडा निराला है
हमारी जान है पेहचान शान वाला है ।
फलक से तोड के लाया हूँ चाँद सूरज को
जिधर भी देखो जवानों बहोत उजाला है ।
कभी झुके न मेरी शान है मेरा प्रचम,
जिगर के खून से हम सबने इसको पाला है ।
कभी डरेंगे नही आँधी और बिचली से
तू आजमाले मेरे सामने हिमाला है ।
कभी किसी की गुलामी नही हुई मुझ से
मिसाली अमनोउखुवत दिलों में डाला है ।
उठो साँवर दो अन्सर वतन की किसमत को
सुनेहरे झण्डें को सरदे कर तू सभाला है ।
अध्यक्ष– उर्दू साहित्य प्रोत्साहित संघ, नेपाल


