कांग्रेस में विवाद में नयां रुप, शीर्ष नेताओं की सहमति कार्यसमिति द्वारा अस्वीकार
काठमांडू, २० दिसम्बर । नेपाली कांग्रेस के भीतर जारी विवाद ने नयां स्वरुप ग्रहण किया है । पदाधिकारियों की संख्या और चयन प्रक्रिया के संबंध में शीर्ष नेताओं ने जो सहमति की थी, पार्टी कार्य समिति ने उसको अस्वीकार किया है । जिसके चलते विवाद ने नयां स्वरुप ग्रहण किया है और महासमिति बैठक में सहभागी नेतागण अन्यौलग्रस्त मनस्थिति में दिखाई दिए हैं ।
विवाद के कारण ही पदाधिकारी संख्या और पदाधिकारी चयन प्रक्रिया संबंधी प्रतिवेदन महासमिति बैठक में पेश नहीं हो पाया है । जिसके चलते इससे पहले ही पेश राजनीतिक, सांगठनिक, समग्र आर्थिक नीति और पार्टी की आन्तरिक आर्थिक प्रवेदन जैसे विषयों के ऊपर भी विचार–विमर्श नहीं हो पाया है । विचार–विमर्श के लिए महासमिति सदस्यों ने विधान मस्यौसा संबंधी प्रतिवेदन मांग किया है ।
मंगलबार शीर्ष नेताओं ने विधान मस्यौदा संबंधी प्रतिवेदन में सहमति किया था । सहमित अनुसार कूल पदाधिकारियों की संख्या ८ और उसमें कोषाध्यक्ष बाहेक अन्य सभी पदों में प्रत्यक्ष निर्वाचन कराने की बात हुई थी । और ३३ प्रतिशत महिलाओं की प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित की गई थी । लेकिन बुधबार केन्द्रीय सदस्य मोहन बहादुर बस्नेत, वीरबहादुल बलायर, महेन्द्र यादव, फरमूल्लाह मंसुर, किशोरसिंह राठौर, सीता गुरुङ आदि ने शीर्ष नेताआें की सहमति को अस्वीकार किया है । उन लोगों का कहना है कि सहमति समावेशी न होने के कारण सहमित स्वीकार नहीं है ।

