Thu. Apr 16th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल २०१८ के अवसर पर हिमालिनी लोकार्पण का कुछ दृष्य

 

मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल २०१८ के अवसर पर १० दिसम्बर को द्वितीय सत्र में 1857 की क्रांति में क्रांतिधरा मेरठ की भूमिका पर परिचर्चा आयोजित करी गई जिसमें डॉ अमित पाठक, कर्नल अमरदीप त्यागी, डॉ के के शर्मा, डॉ बीना शर्मा, डॉ सुबोध गर्ग ने क्रांति के विभिन पहलुओं पर मेरठ के सन्दर्भ में प्रकाश डाला।

विमोचन कार्यक्रम में नेपाल की प्रमुख हिंदी पत्रिका ‘हिमालिनी’ के 21 वर्ष पूरे होने पर नेपाली संस्कृति पर विशेषांक का विमोचन किया गया। इसके साथ कोलकाता, पश्चिम बंगाल से प्रकाशित ‘साहित्य त्रिवेणी’ का ‘भारत-नेपाल मैत्री विशेषांक’ का विमोचन किया गया। कल्पतरु पत्रिका का भी विमोचन किया गया। लखनऊ से ‘प्रणाम पर्यटन’ पत्रिका का भी विमोचनसाहित्य, जिसमें पर्यटन व सांस्कृतिक विकास में साहित्य की भूमिका पर चर्चा हुई।

यह भी पढें   सुरों की मल्लिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, सात दशकों का संगीतमय सफर हुआ समाप्त

तृतीय सत्र में 4 से 7 बजे तक मुशायरा का आयोजन करा गया जिसमें डॉ ईश्वरचंद गंभीर, डॉ दिलदार देहलवी, मुनीश तनहा, अनिमेष शर्मा, डॉ सरोजिनी तनहा, शमा गुप्ता, हरिहर शर्मा, कंचना झा, श्वेता दीप्ती, बिष्नु भंडारी, रमन धीमरे, शिखा कौशिक, सूर्यकरण सोनी, मुदित बंसल, राजेंद्र समेत देश-विदेश से आये शायरों ने प्रस्तुती दी।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में मेरठ की साहित्यक विभूतियों के नाम से देश-विदेश से पधारे साहित्यकारों को सम्मान प्रदान किये जायेंगे और नवोदितों को यह अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जायेगा।

यह भी पढें   सार्वजनिक पद पर रहे प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों और उच्च पदस्थ कर्मचारियों की संपत्ति विवरण जांच के लिए आयोग गठन

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed