बाइडबडी जहाज खरीद प्रकरणः तीन मन्त्रियों के लिए सिर्फ नैतिक जिम्मेवारी !
काठमांडू, ७ जनवरी । सार्वजनिक लेखा समिति ने बहालवाला संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्ययन मन्त्री रवीन्द्र अधिकारी और दो पूर्व मन्त्रियों को नैतिक जिम्मेदारी लेने के लिए कहा है । बाइडबडी विमान खरीद प्रकरण में भ्रष्टाचार होने की आशंका सहित समिति ने मन्त्री अधिकारी के साथ पूर्व पर्यटन मन्त्री जीवन बहादुर शाही और जितेन्द्र देव को नैतिक जिम्मेवारी के लिए कहा गया है । लेखा समिति का यह भी निष्कर्ष है कि बाइडबी विमान खरीद प्रकरण में मुख्य दोषी नेपाल वायु सेवा निगम के महाप्रबन्धक सुगतरत्न कंसकार और वर्तमान पर्यटन सचिव कृष्णप्रसाद देवकोटा हैं । कंसकार और देवकोटा को निलम्बर कारवाही के लिए भी सिफारिश किया गया है । लेकिन उसी प्रकरण में आरोपित गृहसचिव प्रेम कुमार राई को आरोप से मुक्त किया गया है । सोमबार सम्पन्न सार्वजनिक लेखा समिति बैठक ने ऐसा निर्णय किया है ।
सोमबार आयोजित सार्वजनिक लेखा समिति बैठक में उप–समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन को संशोधन कर पेश किया गया था । लेकिन संशोधित प्रतिवेदन के ऊपर उप–समिति के संयोजक और सदस्यों ने आपत्ति प्रकट किया । उप समिति के सदस्य प्रदीप यादव और चन्दा चौधरी ने कहा कि अगर दोषी मन्त्री को कारवाही सिफारिश बिना ही प्रतिवेदन पास किया जाएगा तो फरक मत प्रस्तुत किया जाएगा । लेखा समिति के सदस्यों की ओर से ऐसी चेतावनी आने के बाद तत्कालीन पर्यटन सचिव तथा वर्तमान गृह सचिव प्रेम राई को ‘क्लिन चिट’ देते हुए समिति ने कहा है कि तत्कालीन मन्त्री जीवन बहादुर शाही, जीतेन्द्र देव और हाल के मन्त्री रवीन्द्र अधिकारी को घटना के संबंध में नैतिक जिम्मेवारी लेनी होगी ।


