आखिर पृथ्वी कैसे बनी वैज्ञानिकाें ने किया खुलासा
जोहांसबर्ग, प्रेट्र। 
पृथ्वी कैसे बनी और इसका विकास कैसे हुआ यह जानना हमेशा से ही रोचक रहा है। वैज्ञानिक इसके बारे में लगातार अध्ययन कर जानकारियां देते रहे हैं। अब वैज्ञानिकों ने बताया है कि पृथ्वी पर महाद्वीपों का निर्माण एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रहों) के लगातार टकराने से हुआ। शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में यह दावा किया है कि करीब 3.8 अरब साल पहले अंतरिक्ष से हुई एस्टेरॉयड की भारी बमबारी से पृथ्वी पर परत का निर्माण हुआ और बाद में महाद्वीप बने।
वैज्ञानिकों ने इस युग को हेडीन युग नाम दिया है। इस युग में हमारे ग्रह पृथ्वी में लगातार एस्टेरॉयड की बमबारी होती रही। दक्षिण अफ्रीका की विटवाटरस्रैंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक बयान में बताया कि लगातार बमबारी की वजह से अत्यधिक गर्मी पैदा हुई और चट्टानें पिघलीं। उस समय अधिकतर चट्टानें बेसाल्ट की थीं और एस्टेरॉयड की बमबारी ने उन्हें पिछला दिया।
नेचर कम्यूनिकेशन्स जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि पिघलने की वजह से बेसाल्ट के पूल बन गए। यह पूल 10 किलोमीटर तक गहरे और हजारों किलोमीटर के व्यास में फैले हुए थे। इन्हीं से आगे चलकर महाद्वीपों का निर्माण हुआ।
धरती हुई समृद्ध
लगातार एस्टेरॉयड के टकराने से बेसाल्ट की चट्टानें पिघलीं और उनमें सिलिका जैसे तत्व मिले जिससे धरती की सरंचना बनी और वह अत्यधिक समृद्ध हुई। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने कनाडा में पाए जाने वाली करोड़ों वर्ष पहले पिघली चट्टान सडबरी इग्नीस कांप्लेक्स (एसआइसी) का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने बताया कि एसआइसी पृथ्वी पर पाई जाने वाली सबसे पुरानी पिछली हुई बेसोल्ट की चट्टान है। जो 18.5 लाख साल पहले एस्टेरॉयड गिरने से बनी थी।
चंद्रमा की तरह थी पृथ्वी की सतह
विटवाटरस्रैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रईस लटिपोव ने बताया कि अगर आप जानना चाहते हैं उस समय में पृथ्वी की सतह कैसी दिखती होगी तो आपको चंद्रमा की उस सतह को देखना चाहिए जो क्रेटर्स इम्पैक्ट(एस्टेरॉयड गिरने से उत्पन्न हुए प्रभाव) से ढकी हुई है। एस्टेरॉयड गिरने से पृथ्वी में क्रेटर्स बने थे।

