बदहाली से बदहाल पाकिस्तान
पूरा पाकिस्तान इन दिनों एक ही अल्फाज की रट लगाए हुए है और ये लफ्ज है सुसाइड। इसका कारण है पाकिस्तान पर कई हज़ार अरब का कर्ज़। बमुश्किल 6 महीने हुए हैं, जब पाकिस्तान की आवाम से बड़े-बड़े वादे और नया पाकिस्तान बनाने का दावा कर इमरान खान ने इस मुल्क की गद्दी संभाली थी। वजीरे आजम बनने के बाद तीन महीने तक इमरान खान का ये गुरूर कायम था लेकिन जैसे ही पाकिस्तान के तबाही वाले तहखाने का दरवाजा खुला उनको हकीकत समझ आ गई।
हर पाकिस्तानी करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज़दार है और इस मुल्क का रुपया गर्त में समा चुका है। 2025 तक पाकिस्तान में पानी ख़त्म हो जाएगा लेकिन पाकिस्तानी हुक्मरानों को अब भी बम-बारूद और दहशतगर्दी के सिवाय कुछ नजर नहीं आता और इन्हीं करतूतों ने पाकिस्तान को भिखमंगा मुल्क बना दिया है और ये सब हुआ है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण।
पाकिस्तान जब अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था और बातों से नहीं माना तो उसे ऐसी भाषा में सिखाना पड़ा जिसकी चोट सरहद पार के हर हुक्म की सात पीढ़िय़ां याद रखें। ढाई साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब पाकिस्तान से बदले की सौगंध ली, उसके तीन दिन बाद ही सर्जिकल स्ट्राइक की गई। सरहद पर ही नहीं, मोदी सरकार की सधी हुई विदेश नीति ने पाकिस्तान को दुनिया के हर मंच से आउट कर दिया।
मोदी सरकार की इसी नीति के तहत पहली बार पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की गई, यूएन में पहली बार पाकिस्तान को टेररिस्तान कहा गया, अमेरिका ने पाकिस्तान को फंड देना बंद किया, सार्क में पाकिस्तान अलग-थलग पड़ा और आतंकवाद रोकने तक पाकिस्तान से बातचीत न करने का अटल फैसला लिया गया।


