विभेद और कुरीतियों को अन्त्य करते हुए सभ्य समाज निर्माण की आवश्यकताः प्रधानमन्त्री
काठमांडू, ८ मार्च । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि समाज में रहे तमाम विभेद और कुरीतियों को अन्त्य करते हुए सभ्य समाज निर्माण की आवश्यकता है । उनका मानना है कि नारियों के ऊपर हो रहे हिंसा के कारण सभ्य समाज को चुनौती दे रही है । १०९वै. अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
शुक्रबार एक विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है– हमारी समाज में विद्यमान दहेज प्रथा, डायन के नाम में होनेवाला विविध हिंसा, छाउपडी प्रथा, यौन हिंसा जैसी घटनाएं नारियों की सम्मान और हमारी मौलिक सभ्यता को चुनौती दे रही है । अब विद्यमान सभी प्रकार की विभेद और कुरीतियों को अन्त करते हुए समानता की आधार में सभ्य समाज निर्माण करने की जरुरत है ।’
प्रधानमन्त्री ओली ने यह भी कहा है कि शासकीय पद्धति में जो परिवर्तन आया है, उसके कारण शासकीय संचरना में महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, यह सुखद पक्ष है । प्रधानमन्त्री ओले आगे कहा है– ‘आधा आकाश और आधा धरती ढकनेवाली महिलाओं की जीवनस्तर में सारभूत रुप में परिवर्तन जब तक नहीं आएगी, तब तक ‘समृद्ध नेपाल खुसी नेपाली’ का सपना पूरा होनेवाला नहीं है । प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि महिलाओं की राजनीतिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अधिकार सुनिश्चित करने के लिए भी उन्होंने जोर दिया है ।

