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अन्सर नेपाली

मेरी नेपाली टोपी मेरी शान है ।
मेरे सरपर हिमाल की पहचान है ।।

सबने सरपर सजाई है टोपी नई ।
जो मेरे देश की आन है वान है ।।

कितनी प्यारी निशानी है टोपी मेरी ।
तु रिवायत है, जिनत है, दिल जान है ।

तु हिमाली, पहाडी, तराई भी है ।
तेरे खातीर मेरी जान कुरबान है ।।

सारी दुनिया ने तुम को बहादुर कहा ।
तेरे सीने में आंधी है तुफान है ।।

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आओ मिलकर वतन सवारें वतन दोस्तों ।
मेरा नेपाल दुनिया में गुन गियान है ।।

मेरी नेपाली टोपी मेरा ताज है ।
आज अन्सर पहन कर तू सुल्तान है ।

उर्दू साहित्य प्रोत्साहित्य संघ
लुम्बिनी, नेपाल

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