प्रश्न यह है कि क्यों देश में सीके राउत या विप्लव जैसे समूह का जन्म हो रहा है ? श्वेता दीप्ति
इसी बीच एक नई धार सामने आ गई है, जो है विप्लव समूह । जो सत्ता पक्ष के ही साथी थे, किन्तु आज एक नए असंतोष के साथ क्रांति का नारा लगाकर रोज नेपाल बंद का आह्वान कर रहे हैं । प्रश्न यह है कि क्यों देश में सीके राउत या विप्लव जैसे समूह का जन्म हो रहा है ? सीधी सी बात है कि इसके पीछे अगर कुछ है तो वह है असंतोष । असंतोष और अस्तित्व का खंडित होना और विभेद की असह्य पीड़ा को झेलना ही क्रांति की नींव तैयार करता है । यह असंतोष डा राउत के समर्थन में इकट्ठी होती भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है । यह एक चिन्तनीय पहलु है देश के लिए । यह तय है कि जबतक इन बातों की ओर सरकार या सत्ता पक्ष गम्भीरता से पहल नहीं करेगी, तब तक ऐसी भीड़ अपना शक्ति प्रदर्शित करती रहेगी । हिरासत में लेना या दमन की राजनीति अपनाना समस्या के समाधान का विकल्प नहीं है । बल्कि ऐसे तत्वों को मूलधार में लाकर उनसे जुड़कर ही समस्या का समाधान किया जा सकता है । मधेश की माँग को आज तक अनदेखा किया जा रहा है और यही वजह मधेश की जनता को डा. राउत के करीब ला रही है । अगर इस आकर्षण को रोकना है तो सरकार को तत्काल ही मधेश की जनता को सम्बोधित करना होगा । अगर इसके विपरीत वो किसी निरंकुशता या दमन की राह अपनाती है तो निश्चय है मधेश की मिट्टी में उबाल आना तय है । सरकार की कोशिश यह होनी चाहिए कि मधेश की जनता को तुष्ट करे, जिससे उनका मोह स्वतंत्र मधेश जैसे गठबन्धन से हटे । अगर ऐसा नहीं होता है तो, भविष्य का इतिहास निश्चय है कोई सुखद संंदेश नहीं देने वाला है । समय अब भी है हिरासत में लेकर व्यक्ति विशेष को आम से खास बनाने की जगह अपनी जनता की अपेक्षाओं को पूरा करें और किसी भी दुष्परिणाम से देश की सुरक्षा करें ।
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हिमालिनी २०१८ अक्टूवर के अंक में प्रकाशित यह आलेख में यही प्रश्न किया गया था | इसे पढिये
डॉ. सी.के. राउत की गिरफ्तारी से उत्पन्न सवाल : डॉ. श्वेता दीप्ति
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