पर्सा फोरम में दो गुट, असंतुष्टि चरम सीमा पर
रेयाज आलम, बीरगंज, चैत्र ३ गते रविवार | पर्सा स.स.फोरम का अंतरबिरोध खुलकर सामने आने लगा है। एक तरफ जिला अध्यक्ष प्रदीप यादव ने जिला कमिटी का बैठक करके १५ गते के भीतर सभी वड़ा, गांवपालिका, नगरपालिका और महानगरपालिका का अधिवेशन करके कमिटी गठन करने का कार्यदल बनाया है तो दूसरी तरफ बरिष्ट उपाध्यक्ष मंजूर अंसारी और जिला स.सचिव मुकेश द्विवेदी ने संयुक्त बिज्ञप्ति जारी करके निर्वाचन समिति के उपस्थिति के बगैर अधिवेशन कराने के निर्णय को अलोकतांत्रिक बताया है। संयुक्त बिज्ञप्ति में कहा गया है कि जिला में उपस्थित संघीय सांसद, प्रदेश सांसद, केंद्रीय सदस्य, प्रदेश सदस्य, निर्वाचित मेयर, प्रमुख को जानकारी ना कराकर सम्पन्न बैठक अलोकतांत्रिक और बिधान बिपरीत है।
स.स.फोरम पर्सा में बिवाद उस समय सतह पर आ गया, जब सक्रिय सदस्य का आवेदन फार्म संकलन करना था। जिला के बिस्तारित बैठक में संयुक्त कार्यदल बनाकर सक्रिय सदस्य्ता सकलन करने का निर्णय लिया गया था, जिसे जिला अध्य्क्ष ने लागु ही नहीं किया। अंतिम दिन तक इंतजार करने के बाद जिला के बरिष्ठ उपाध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष रेणु यादव से सारी बातो की जानकारी कराते हुए ५ दिन का अतिरिक्त समय मांग कर सक्रीय सदस्ता दर्ज कराया। उसी के बाद से जिला में दो पक्ष कार्य कर रहा है, उसी क्रम में जिला अध्य्क्ष ने वार्ड-वार्ड में अधिवेशन कराने का कार्यदल गठन कर दिया जबकि दूसरा पक्ष का आरोप है कि जिला अध्यक्ष प्रदीप यादव अपने पाकेट के लोगो को लेकर पार्टी कब्ज़ा करना चाहते है, इसलिए अधिवेशन निर्वाचन समिति द्वारा वार्ड -वार्ड में प्रतिनिधि भेजकर निष्पक्ष अधिवेशन करने के मांग पर अड़ा हुआ है।



