प्रोत्साहन भत्ता के नाम पर गैरकानुनी रूप में ३ करोड ६९ लाख १७ हजार रुपैयाँ
संघीय संसद के महासचिव से सचिवालय के कर्मचारी तक प्रोत्साहन भत्ता के नाम पर गैरकानुनी रूप में ३ करोड ६९ लाख १७ हजार रुपैयाँ लेने की जानकारी है । महालेखा परीक्षक के कार्यालय ने २०७४/७५ के प्रतिवेदन में संसद के महासचिव और कर्मचारी द्वारा २०७४ माघ से असार मसान्त तक गैरकानुनी रूप में उक्त प्रोत्साहन भत्ता लेने का उल्लेख है ।
कार्यालय ने अर्थ मन्त्रालय की स्वीकृति के बिना गैरकानुनी रूप में संघीय संसद् में वितरण किए गए प्रोत्साहन भत्ता वापस करने का निर्देशन दिया है । अर्थ मन्त्रालय ने गत वर्ष माघ १० से किसी भी निकाय में प्रोत्साहन नहीं देने का निर्णय हाेने पर भी संसद के कर्मचारी ने माघ से असार तक के तलब का ८० प्रतिशत बराबर भत्ता लिया था ।
कान्तिपुर से

