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भारत विकास परिषद : 5 नये सदस्यों ने ग्रहण की सदस्यता, संगठनात्मक अनुशासन पर दिया गया विशेष बल

 

रक्सौल। भारत विकास परिषद, शाखा–रक्सौल द्वारा शुक्रवार को शहर के लक्ष्मीपुर स्थित महाराजा बैंक्वेट हॉल में शाखा स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में परिषद के पंचसूत्र संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण को व्यवहार में उतारने, संगठनात्मक अनुशासन को सुदृढ़ बनाने तथा सेवा गतिविधियों के विस्तार को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। साथ ही 5 नए सदस्यों ने भारत विकास परिषद की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

कार्यशाला का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी के नेतृत्व में क्षेत्रीय एवं प्रांतीय दायित्वधारियों संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन, भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर पुष्पांजलि तथा सरस्वती विद्या मंदिर रक्सौल की छात्राओं सामूहिक वंदे मातरम् एवं स्वागत गायन के साथ हुआ।

स्वागत भाषण में शाखा अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि भारत विकास परिषद केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त अभियान है। परिषद का प्रत्येक सदस्य सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का संकल्प लेकर कार्य करता है।

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कार्यशाला के प्रथम सत्र में क्षेत्रीय वित्त सचिव सीए के. के. सिंह परिषद ने परिषद की विचारधारा, उद्देश्य, संगठनात्मक संरचना, शाखा संचालन, प्रोटोकॉल, नियम एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि अनुशासित एवं सक्रिय संगठन ही समाज में स्थायी परिवर्तन ला सकता है।

प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती पुतुल सिन्हा ने संस्कार गतिविधि पर विचार रखते हुए परिवार एवं समाज में नैतिक मूल्यों के संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। प्रांतीय संगठन सचिव डॉ. नवनीत शांडिल्य ने सेवा गतिविधियों को परिषद की पहचान बताते हुए उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। वहीं क्षेत्रीय संपर्क समन्वयक श्री अमरनाथ प्रसाद ने संपर्क विस्तार एवं सदस्यता अभियान को संगठन की आधारशिला बताते हुए प्रत्येक सदस्य को नए लोगों को परिषद से जोड़ने का संकल्प लेने की अपील की। महिला सहभागिता पर श्रीमती धीरा गुप्ता ने मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी को संगठन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

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द्वितीय सत्र में श्री केशव कृष्ण ने पर्यावरण संरक्षण, सीए के.के. चौधरी ने वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, परिषद के नियम, प्रोटोकॉल एवं पांचों गतिविधियों में सदस्यों के दायित्व निर्धारण पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही परिषद के मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट के प्रभावी उपयोग पर भी प्रशिक्षण दिया गया। मुक्त चिंतन सत्र में सदस्यों ने शाखा की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

कार्यशाला के दौरान सदस्यता विस्तार अभियान के अंतर्गत 5 नए सदस्यों को परिषद की सदस्यता दिलाई गई। सभी नव सदस्यों ने परिषद के आदर्शों, सेवा, संस्कार, सहयोग, संपर्क एवं समर्पण की भावना के साथ समाज हित में कार्य करने तथा संगठनात्मक अनुशासन का पालन करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में शाखा सचिव नरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। इसके पश्चात सभी सदस्यों ने सामूहिक भोजन में सहभागिता की।

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कार्यशाला में प्रांतीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों, शाखा के पदाधिकारियों, महिला सहभागिता प्रमुख, विभिन्न गतिविधियों के संयोजकों तथा बड़ी संख्या में परिषद के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में विशेष आमंत्रित उत्तर बिहार सह प्रांत संघ संचालक प्रो. डॉ. राजकिशोर सिंह तथा शाखा के सचिव नरेश कुमार, सुनील कुमार, उमेश सिकारिया, नीतेश कुमार सिंह, बिमल कुमार सर्राफ, नीतेश कुमार सिंह, अजय कुमार, विजय कुमार साह, अरविंद जायसवाल, विनोद रौनियार, सुरेश धानोठिया, जोगिंदर प्रसाद, विनोद कुमार, दिनेश प्रसाद, प्रशांत कुमार, जीतेन्द्र चौरसिया, प्रतीक कुमार, विवेक चौरसिया, आलोक कुमार श्रीवास्तव, विकास गिरि, सौरभ कुमार, अनुज कुमार, प्रेमरंजन पटेल, रूप नारायण सिंह, किरण गुप्ता, सीमा गुप्ता समेत कई सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।इसकी जानकारी संपर्क संयोजक उमेश सिकारिया एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने दी है।

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