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मधेशी जनता बिना बर्दी के सैनिक हैं, अब आप लोगों को ही देश को नेतृत्व देना होगाः डा. भट्टराई

 

काठमांडू, ७ मई । नव गठित समाजवादी पार्टी के संघीय परिषद् अध्यक्ष डा. बाबुराम भट्टाई ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में रहनेवाले तराई–मधेश की जनता नेपाल के लिए बिना बर्दी के सैनिक है, जिन्होंने नेपाल की रक्षा की है । संघीय समाजवादी फोरम नेपाल और नयां शक्ति पार्टी बीच पार्टी एकीकरण समारोह को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा । उन्होंने आगे कहा– ‘देश को रक्षा करनेवाले आप लोग अब सिर्फ मधेश के ही नेतृत्व करेंगे, ऐसा नहीं हो सकता । अब पूरे देश को नेतृत्व प्रदान करने के लिए आप लोगों को आगे आना होगा ।’
डा. भट्टराई को मानना है कि नेपाल को शान्ति और समृद्धि हासिल करना है तो हिमाल, पहाड और तराई को आपस में भावनात्मक रुप में एकीकृत होना भी जरुरी है । उन्होंने कहा कि हिमाल, पहाड और तराई भावनात्मक रुप में अलग–अलग रहेंगे तो यहां अन्तर्राष्ट्रीय शक्ति केन्द्र का बोलवाला रहेगा, जो नेपाल की शान्ति और समृद्धि के विरुद्ध होगी । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए अध्यक्ष भट्टराई ने कहा– ‘हगर हम लोग इकठ्ठा नहीं होगें तो यहां अन्तर्राष्ट्रीय शक्ति केन्द्र की चलखेल बढ़ेगी । जो हमारी शान्ति और समृद्धि के विरुद्ध ही नहीं, नेपाल के समग्र हित के विरुद्ध हो सकती है । इसकी सम्भावना अधिक है ।’
डा. भट्टराई को मानना है कि समाजवादी पार्टी का निर्माण माओवादी आन्दोलन का ही नयां स्वरुप है और परिवर्तनशील शक्तियों की ध्रुवीकरण भी । उनका मानना है कि कम्युनिष्ट आन्दोलन से पतनउन्मुख नेताओं की जमघट नेकपा में हैं, जो सत्ता का नेतृत्व कर देश को लूट रहा है । उनका माना है कि नेकपा भ्रष्टाचार के कारण ही समाप्त होनेवाला है । उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचारजन्य अन्य दर्जनों काण्ड में फंस गया है, जिससे बाहर आना मुश्किल है ।
डा. भट्टराई ने कहा कि जनता की अधिकार के लिए अब हिमाल में आन्दोलन होता है तो उसका प्रभाव तराई–मधेश में भी पड़ेगा, और तराई में आन्दोलन होते वक्त हिमाल में भी आन्दोलन होनेवाला है । उन्होंने यह भी कहा कि अब समाजवादी पार्टी को सदन, सडक और सरकार तीनों मोर्चा से आगे बढ़ाया जाएगा । अध्यक्ष भट्टराई ने कहा– ‘जब तक संविधान संशोधन नहीं होगा, तब तक हमारी आन्दोलन रुकनेवाला नहीं है ।’ उन्होंने कहा कि अगर संविधान में संशोधन नहीं होगी तो सरकार में सहभागिता संबंधी विषय में पार्टी पुनर्विचार करेगी ।

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