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फिल्मी दुनिया सुनहरे सपनों की दुनिया है : शिव नारायण रावत

हिमालिनी, अंक मार्च 2019 |     शिव नारायण रावत जी फिल्मी दुनिया में चालीस वर्ष से भी अधिक अनुभव रखने वाले देव भूमि उत्तराखंड के मूल निवासी हैं जिन्होंने हाल ही में शाकुंतलम फिल्म एण्ड टेलिविजन इन्स्टिट्यूट की स्थापना की है । गौरतलब है कि उत्तराखण्ड की पहली गढ़वाली फिल्म जग्वाल से करियर की शरूआत करने वाले श्री रावत राजा हिन्दुस्तानी, दलाल, जंग, सबसे बड़ा खिलाडी, दाना–पानी, कुछ कहा आपने, अग्नि साक्षी जैसे नामी हिन्दीं फिल्मों तथा टोलीवुड में अभिनय, निर्देशन व फिल्म प्रोडक्शन कर चुके हैं । हाल ही में आपके द्वारा बनाई गयी फिल्म राजू बजरंगी को पूरे भारतवर्ष में सराहा गया । शिव नारायण का अपने कॉलेज के दिनों से ही रंगमंच के प्रति विशेष लगाव रहा और वर्ष १९७२ में इंटर डिग्री कॉलेज प्रतियोगिता में “पापी समाज” नामक नाटक में शिव नारायण ने निर्देशक के अलावा एक गोल्ड मेडलिस्ट स्टूडेंट बेरोजगार की भूमिका निभाई थी । इसके लिए शिव नारायण को बेस्ट एक्टर व् निर्देशक के पुरस्कार से भी नवाजा गया था । बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे शिव नारायण रावत रेडियो नजीबाबाद एवं दिल्ली के आल इंडिया रेडियो में ४ वर्ष तक एनाउंसर भी रहे हैं । पिछले दिनों कलाकार फिल्म निर्माता निर्देशक शिव नारायण सिंह रावत से हिमालिनी पत्रिका के दिल्ली भारत के ब्यूरो प्रमुख एस.एस. डोगरा से लम्बी बातचीत हुई । प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंशः

शिव नारायण रावत

० आपको बेसिक आईडिया कहाँ से मिला ?
– अपने प्रदेश व यहाँ के बच्चों को फिल्म उद्योग में पहुँचाने के उद्देश्य के साथ दिनाँक ४ नवम्बर २०१८ को शिब्बूनगर, कण्वनगरी–कोटद्वार में कैप्टन दिगम्बर प्रसाद बलूनी जी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्री रावत द्वारा फिल्म संस्थान प्रारम्भ करने का प्रस्ताव रखा गया । प्रस्ताव का उक्त बैठक में उपस्थित श्री मयंक प्रकाश कोठारी ‘भारतीय’ ने समर्थन करते हुए कौशल विकास के तहत फिल्म संस्थान खोले जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया गया तथा शाकुंतलम ऐजुकेशनल सोसाईटी गठित करने का प्रस्ताव रखा जिसका कि सभी उपस्थित सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया । संस्थान का नाम शाकुंतलम फिल्म एण्ड टेलिविजन इन्स्टिट्यूट, श्री मयंक कोठारी द्वारा प्रस्तावित किया गया जो कि विश्व प्रसिद्ध महाकवि कालिदास द्वारा रचित संस्कृत नाटक अभिज्ञान शाकुंतलम से लिया गया है । उत्तराखण्ड में फिल्म उद्योग के विकास की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने हेतु ही शाकुंतलम फिल्म एण्ड टेलिविजन इन्स्टिट्यूट की स्थापना की गई है ।
० आप नया सेशन कब से आरम्भ कर रहे हैं ?
– नवीन सत्र २०१९ जुलाई माह से प्रारम्भ करने हेतु संस्थान प्रयासरत है ।
० किस.किस तरह के कोर्स शुरू करने जा रहे हैं ?
– फिल्म व मीडिया उद्योग से सम्बन्धित ०६ कोर्स संस्थान में संचालित किए जाएँगे । डिप्लोमा इन फिल्म एंड टेलीविजन प्रोडक्शन व डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी, फिल्म एडिटिंग, साउण्ड रिकार्डिंग व डिजाइन तथा मास कम्यूनिकेशन व जनरलिज्म आदि में अपना भविष्य संवारने के अवसर विद्याथिर्यों को प्रदान किए जाएँगे । यहाँ छात्रों के सुनहरे सपने को सच करने का मुकाम हासिल होगा । फिल्मी दुनिया सुनहरे सपनों की दुनिया है जो आज की युवा पीढी को सहज ही आकर्षित करती है ऐसे में यह इंस्टीच्यूट युवाओं को सही राह बताएगी ।
० इन कोर्स को करने के मिनिमम क्वालिफिकेशन क्या होगी ?
– सभी कोर्स १२वीं पास कर चुके छात्र–छात्राओं के लिए उपलब्ध रहेंगे । कुछ शार्ट टर्म कोर्स भी संस्थान द्वारा संचालित किए जाएँगें जिनके लिए क्वालिफिकेशन व आयु कोई अवरोध नहीं बनेगी ।
० कुछ नामी गरामी फैकल्टी के नाम बताएँ !
– संस्थान में महत्वपूर्ण भूमिका में जहाँ एक तरफ मशहूर अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी व गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने वाले मशहूर गीतकार समीर अंजान जी रहेंगे, वहीं फेकल्टी के रूप में एफ टी आई आई पुणे से शिक्षा प्राप्त श्री मान बहादुर सिंह जी व श्री ललित तिवारी जी रहेंगे ।
० आपके यहाँ कौन.कौन से कोर्स किस.किस अवधि के कराए जाएँगे ?
– मुख्यतः सभी ६० कोर्स एक साल की अवधि के डिप्लोमा कोर्स होंगे, जिसमें कि थ्योरी व प्रेक्टिकल दोनाें पर विशेष ध्यान दिया जाएगा । इसके अलावा ०३ से ०६ महीने की अवधि के शार्ट टर्म कोर्स भी संचालित किए जाएँगें । इसके अलावा सभी आयु वर्ग के लिए अधूरे सपने नाम का विशिष्ट कोर्स भी संचालित किया जाएगा ।
० आपने अपने इंस्टिट्यूट में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है ?
– शाकुंतलम फिल्म एण्ड टेलिविजन इन्स्टिट्यूट की आवश्यकता अनुसार भव्य भवन व विभिन्न उपकरण सहित वल्र्ड क्लास इंफ्रास्ट्रकचर तैयार किया जा चुका है । साउन्ड स्टूडियो, मिनी थियेटर आदि का कार्य प्रगति पर है जिसे कि मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा ।
० कौन सी यूनिवर्सिटी से मान्यता मिली है आपके इंस्टिट्यूट को ?
– शाकुंतलम फिल्म एण्ड टेलिविजन इन्स्टिट्यूट को श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय से मान्यता हेतु सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज विवि के कुलपति डॉ.यूएस रावत को सौंपे जा चुके हैं । जल्द ही संबद्धता की प्रक्रिया पूर्ण करली जाएगी । इसके लिए कुलपति महोदय ने ०६ मार्च को विवि कार्य परिषद् की बैठक में एस एफ टी आई को संबद्धता देने का अनुमोदन किए जाने की बात मीडिया से साझा की गयी है ।
० एक वर्ष में कितने स्टूडेंट्स के दाखिले के लिए प्रावधान रखा है
– एक वर्ष में संचालित किए जाने वाले प्रत्येक कोर्स हेतु ३० छात्र– छात्राएँ आवेदन कर सकेंगे । मतलब कि संस्थान की ०६ कोर्स हेतु कुल इनटेक संख्या १८० की होगी ।
० फीस स्ट्रक्चर क्या रखा है  ?
– फीस स्ट्रक्चर सभी मुख्य बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए सामानय रखा गया है । साथ ही संस्थान में कण्वनगरी–कोटद्वार से बाहर से आने वाले छात्र–छात्राओं के लिए न्यूनतम दरों पर खान–पान व आवासीय सुविधा भी उपलब्ध है ।
० कैंपस की कुछ खास विशेषताओं पर प्रकाश डालें ?
– एमकेवीन कण्वघाटी के प्रांगण में स्थित यह संस्थान भारत नामधेय चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्म–क्रीडास्थली व महर्षि कण्व की तपस्थली कण्वघाटी, कण्वनगरी–कोटद्वार में स्थापित है । यही वह स्थान है जहाँ हमारे देश को नाम देने वाले दुष्यन्त–शकुंतला पुत्र चक्रवर्ती सम्राट भरत का जन्म हुआ । इसी पावन भूमि में विश्व की पहली यूनिवर्सिटी महर्षि कण्व द्वारा स्थापित की गयी थी ।
० इस इंस्टिट्यूट के प्रमुख पद किस को प्रदान किया गया है ?
– मुख्यतः शिव नारायण सिंह रावत संस्थान के अध्यक्ष, शिक्षा व समाज सेवा से जुडेÞ मयंक प्रकाश कोठारी ‘भारतीय’, उपाध्यक्ष सचिव श्रीमती मधु रावत, कै. दिगम्बर प्रसाद बलूनी, डॉ. टी सी अग्रवाल, शिक्षाविद् विनोद कुकरेती, सत्यपाल सिंह कार्य समिति में रहेंगे । साथ ही समाजसेवी श्री प्रकाश चन्द्र कोठारी व श्री प्रेम सिंह रावत एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य के रूप में होंगे ।

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