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नेपाल भारत का सम्बन्ध सदियाें का है फिर भी नेपाल में भारत का विराेध हाेता है : काेश्यारी

 

मई २

नेपाल–भारत प्रबुद्ध व्यक्ति समूह (ईपिजी) के भारत की तरफ से पूर्व संयोजक एवम् भारतीय जनता पार्टी के प्रभावशाली नेता भगतसिंह कोश्यारी  नेपाल में भारत द्वारा रेल जल्द ही पहुँचने का विश्वास व्यक्त किया है ।

कोश्यारी ने कहा कि नेपाल में चीनी रेल आना सहज नही है । यह फिलहाल कल्पना की बात है ।  ईपीजी प्रतिवेदन के सम्बन्ध में उन्हाेंने कहा कि प्रतिवेदन की बात भारच समझ रहा है और गृहकार्य हाे रहा है जद ही सभी समस्या का समाधान हाेगा । उन्हाेंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री माेदी सभी बाताें काे अवश्य समझैंगे ।

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प्रतिवेदन काे लेकर भारत में काेई   विरोध तथा असन्तुष्टि नहीं रहने का दावा किया है । ‘१९५० के सन्धि से कालापानी सीमा विवाद तक की बात प्रतवेदन में है जिसका समाधान जरुर हाेगा ।

भारत और बंगलादेश के बीच विगत के समस्याओं का जिस तरह माेदी जी ने कुशलतापूर्वक समाधान किया है उसी तरह यहाँ की भी समस्यनओं का समाधान अपश्य हाेगा ।  उन्हाेंने कहा कि माेदी जनप्रिय नेता हैं और नेपाल में भी उन्हें स्नेह मिला है । उन्हाेंने कहा कि अब के कार्काल में नेपाल भारत सम्बन्धाें में और भी रिश्ते प्रगाढ हाेंगे ।

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माेदी जी और ओली जी के रिश्ते अच्छे हैं ये मिल कर ही काम करेंगे । नेपाल धार्मिक रुप से महत्वपूर्ण देश है । धर्म का विषय यहाँ का अपना विषय है उसमें काेई दखल नही दे सकता ।

उन्हाेंने कहा कि चीन जब  नेपाल में हस्तक्षेप करता है ताे नेपाली उसके विरुद्ध में नहीं बाेलते और न ही  युरोपियन आदि के दखल पर कुछ बाेलते हैं । किन्तु भारत के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध हाेने पर भी उसके विरुद्ध हमेशा बाेलते हैं ।  नेपाल भारत नजदीक है इसलिए कभी कभी समस्याओं का आना स्वाभाविक है । पर इसमें गम्भीरता नही हाेती ।

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