शक्तिशाली तान्त्रिक बनने के लिए जनकपुर में बालक की हत्या !
जनकपुरधाम, ३० मई । हमारे समाज में ऐसे अंधविश्वासी लोग भी रहते हैं, जिसको जानने के बाद हम लोग सिर्फ चौक ही नहीं जाते, विश्वास ही नहीं होता । लेकिन घटना सच होती है ! ऐसी ही घटना जनकपुर में घटी है । जहां एक तान्त्रिक ने ढाई वर्षीय बालक को देव–देवी के नाम में बली दी है । पता चला है कि खूद को शक्तिशाली तान्त्रिक बनाने के नाम में उन्होंने यह भयानक अपराध किया है, जो अंधविश्वास की चरम अवस्था है । घटना विवरण अनुसार गत वैशाख २४ गते धनुषा जिला मिथिला नगरपालिका– ६ ढल्केबर निवासी ढाई वर्षीय बालक आर्यन साह की हत्या हो होती है । हां, उस हत्याकाण्ड में खूद को तान्त्रिक कहनेवाले ढल्केबर निवासी शत्रुधन महतो की हाथ दिखाई दिया है । स्थानीय शम्भु साह के ढाई वर्षीय बालक आर्यन की हत्या होने के लगभग १ महीने तक पुलिस ने अनुसंधान की थी । लम्बे अनुसंधान के बाद बुधबार महतो को गिरफ्तार की गई है । महतो को गिरफ्तार करने के बाद पता चला है कि बालक की हत्या महतो ने ही किया है ।्
पुलिस ने महतो निवास से एक हथियार, बालक की गंजी, गम्छा और धोती भी बरामद किया है । पुलिस हिरासत में रहे महतो स्थानीय स्तर में धामी (तान्त्रिक) के रुप में परिचित हैं । पुलिस नियन्त्रण में आने के बाद उन्होंने स्वीकार किया है कि शक्तिशाली तान्त्रिक बनने के लिए उन्होंने बालक की बली दी है ।
घटना विवरण अनुसार वैशाख २४ गते दिन में (२ बजे) बालक आर्यन की मां रेणुदेवी साह घांस काटने के लिए खेत में जाती है । उसके बाद घर में ही खेल रहे बालक के ऊपर महतो की आंख लगती है । वह बालक को फकाकर अपने घर ले जाते हैं । अंधविश्वास के घोर अंधेर में रहे साह खूद को शक्तिशाली तान्त्रिक बनाने के लिए बालकी बली देने के बारे में सोचने लगते हैं । वह सिर्फ सोचते ही नहीं, खूद के घर–आंगन में बालक आर्यन की बली देकर शव को घर के पास में ही रहे एक झांडी में ले जाकर फेंक देते हैं । उसके अगले दिन सुबह बालक की शव मिल जाती है । उसके बाद पुलिस अनुसंधान शुरु होती है ।
धनुषा पुुलिस ने ३ हफ्ता लकाकर अनुसंधान करने पर यह तथ्य सामने आया है । अनुंधान के लिए प्रदेश नं. २ और प्रदेश नं. ३ पुलिस से लेकर तालिम प्राप्त कुत्ते का भी सहयोग लिया गया है । अभियुक्त महतो के विरुद्ध पुलिस ने ज्यान मुद्दा दर्ज की गई है ।

