स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक किया एक वर्ष में किए गए कार्याें का लेखा जाेखा
काठमाडौं-१९ जुलाई
स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय ने गत आर्थिक वर्ष (२०७५/७६) मेंं हुए मुख्य उपलब्धिहयाें काे सार्वजनिक किया है। उपप्रधान एवं स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्री उपेन्द्र यादव के प्रमुख आतिथ्य में मन्त्रालय ने आज विभिन्न ८ विषय के ५० मुख्य उपलब्धि सार्वजनिक किया है।
मन्त्रालय ने नीत, रणनीति, ऐन, नियम, मापदण्ड, निर्देशिका और कार्यविधि अन्तर्गत १७ , स्वास्थ्य संस्था तथा निकायाें के हस्तान्तरण में २, योजना तर्जुमा, अनुगमन, मूल्यांकन और समन्वय में ७, सेवा प्रवाह में १०, विपद् व्यवस्थापन पूर्व तैयारी तथा प्रतिकार्य में ६, अध्ययन, अनुसन्धान और सर्वेक्षण में ३, भौतिक पूर्वाधार में ३ और विशेषज्ञ चिकित्सक परिचालन में १ से ५० मुख्य उपलब्धि सार्वजनिक किया है।
उपलब्धि सार्वजनिक कार्यक्रम में मन्त्री यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा अलग किए गए बजट काे बहुत कम बताया है । ‘कुल ४ दशमलव ४८ प्रतिशत बजेट दिया गया है,’ उन्हाेंने कहा, ‘इसमें भी ४ प्रतिशत वेतज में ही खर्च हाेगा, कुल शुन्य दशमलब ४८ प्रतिशत बजेट में भी इतजी उपलब्धि हाेना बहुत अच्छी बात है ।’ उन्हाेंने स्वास्थ्य बजट के कुल बजेट में कम से कम १० प्रतिशत हाेना चाहिए ।
स्वास्थ्य सचिव डा पुष्पा चौधरी ने कहा कि संघीय संरचना के अनुसार काम आगे बढाने के क्रम में कुछ ढील हुई है । सचिव रामप्रसाद थपलिया ने कहा कि कर्मचारी समायोजन के काम में ढील हाेने के कारण कर्मचारी से मंत्री तक दुखी हैं । ढि
मन्त्रालय द्वारा सार्वजनिक की गई उपलब्धिहयाँ
(क) नीति, रणनीति, ऐन, नियम, मापदण्ड, निर्देशिका, कार्यविधि
१. संघीयता के भावना अनुरुप संघ, प्रदेश और स्थानीय तह से समग्र स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास, विस्तार, समन्वय, संचालन और ब्यबस्थापन पक्ष काे प्रभावकारी कार्यन्वयन करने के लिए“राष्ट्रियस्वास्थ्य नीति २०७६”जारी कर के लागू किया गया।
२. संविधान से प्रत्याभूत निःशुल्क आधारभूत स्वास्थ्य सेवा तथा आकस्मिक स्वास्थ्य सेवा पाने का हक कार्यन्वयन करना और स्वास्थ्य सेवा नियमित, गुणस्तरीय तथा सर्वसुलभ करना तथा नागरिक की पहुँच तक स्थापित करने के लिए“जनस्वास्थ्य सेवा ऐन २०७५”लागू किया गया है।
३. नेपाल के संविधानद्वारा प्रदत्त महिला की सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन् स्वास्थ्य सम्बन्धी हक के सम्मान, संरक्षण और परिपूर्ति करने के लिए मातृ तथा प्रजनन् स्वास्थ्य सेवा काे सुरक्षित, गुणस्तरीय, सर्वसुलभ तथा पहुँच योग्य बनाने के लिए“सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन् स्वास्थ्य अधिकार ऐन २०७५”लागू किया गया है।
४. स्वास्थ्य विमाऐन २०७४ काे ब्यबस्थित करने के लिए “स्वास्थ्य विमा नियमावली २०७५”स्वीकृत हाेकर लागू हाे चुका है।
५. “अशक्त, असहाय और लाचार मनोसामाजिक राेगियाें के लिए उपचार तथा पुर्नस्थापना के लिए कार्यविधि” स्वीकृत हाेकर लागू हाे चुका है । इस कार्यविधि अनुसार सेवा संचालन के लिए ७ अस्पताल, मानव सेवा आश्रम का पुनर्स्थापना गृह और आश्रय केन्द्र के संग सम्झौता कर सेवा संचालन हाे रहा है।
६. ८३ जिला स्तर के अस्पतालाें में गुणस्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रवाह के लिए न्यूनतम सेवा मापदण्ड (Minimum Service Standard) लागु हाेकरअच्छे नतिजे आ रहे हैं । इसलिए इसका विस्तार किया जाएगा ।
७. जेष्ठ नागरिक वार्ड स्थापना तथा संचालन कार्यान्वयन निर्देशिका स्वीकृत हाेकर कार्यन्वयन में लाया जा चुका है ।
८. प्रदेश नं. २ के सप्तरी के राजविराज में सगरमाथा अंचल अस्पताल काे रामराजा प्रसाद सिंह स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में स्तरोन्नति किया गया है। “रामराजा प्रसाद सिंह स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान”का गठन आदेश स्वीकृत हाेकर उसके अनुसार समिति गठन किया गया है, राजबिराज में कार्यालय स्थापना हाेकर संचालन में आ चुका है, जगह और Pre-DPR समेत सम्पन्न किया गया है।
९. संविधान में उल्लेखित निशुल्क आधारभूत स्वास्थ्य सेवा प्रवाह के लिए आधारभूत स्वास्थ्य सेवा प्याकेज(Basic Health Services Package)का मसाैदा तैयार हाे चुका है।
१०. “जनस्वास्थ्य सेवा नियमावली” का मसाैदा तैयार हाे चुका है ।
११. “सुरक्षित मातृत्व तथा प्रजनन् स्वास्थ्य अधिकार नियमावली” का मसाैदा तैयार हाे चुका है ।
१२. “महिला स्वास्थ्य स्वयम्सेविका रणनीति”का मसाैदा तैयार हाे चुका है
१३. E-Health Strategy का मसाैदा तैयार हाे चुका है।
१४. आप्रवास प्रक्रिया प्रस्थान पूर्व, गन्तब्य स्थान और आगमन पश्चात हाेने वाले सभी प्रकार के जनस्वास्थ्य समस्याओं का न्यूनिकरण करने के लिए बिभिन्न मन्त्रालय और निकायाें की संलग्नता में राष्ट्रिय आप्रवास स्वास्थ्य नीति २०७६ का मसाैदा तैयामर किया गया ।
१५. स्वास्थ्य क्षेत्र के लैगिक समानता तथा सामाजिक समाबेशीकरण रणनीति का मसाैदा तैयार है।
१६. अस्पताल के महत्वपूर्ण कार्य में से शव परिक्षण, बिभिन्न तरह के घाव जाँच, मादक पदार्थ सेवन परिक्षण आदि के लिए मेडिकोलिगल सेवा का प्रभावकारी ब्यबस्थापन के लिए “मेडिकोलिगल सञ्चालन निर्देशिका, २०७५” स्वीकृत हुआ है।
१७. नेपाल सरकार के आ.ब. २०७५/७६ की नीति तथा कार्यक्रम के बुँदा नं. ७४ में चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी द्वारा राेगी के साथ व्यवहारसम्बन्धी आचारसंहिता लागु करने की ब्यबस्था के अनुसार उस सम्बन्धि आचारसंहिता तैयार हाे चुका है।
(ख) स्वास्थ्य संस्था तथा निकायाें का हस्तान्तरण
१. संघीयता कार्यान्वयन करने के सन्दर्भ में साविक के जिला/जन स्वास्थ्य कार्यालय, जिला अस्पताल, अंचल अस्पताल, क्षेत्रीय/उप क्षेत्रीय अस्पताल, क्षेत्रीय स्वास्थ्य निर्देशनालय, क्षेत्रीय मेडिकल स्टोर, क्षेत्रीय तालीम केन्द लगायत के संरचनाओं प्रदेश सरकार काे मिति २०७५।१०।९ में हस्तान्तरण किया गया है।
२. जिल्ला सदरमुकाम बाहर के १५ सैया तक का प्राथमिक अस्पताल,प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य चौकी, सामुदायिक स्वास्थ्य ईकाई, शहरी स्वास्थ्य केन्द्र स्थानीय तह मे् हस्तान्तरण किया गया है।
(ग)योजना तर्जुमा, अनुगमन, मूल्यांकन और समन्वय
१. “स्वस्थ, उत्पादनशील और जिम्मेवार नागरिक” सोच वाले स्वास्थ्य तथा पोषण क्षेत्र के १५वें योजना के धारपत्र स्वीकृत हाेकर कार्यन्वयन में आ चुका है।
२. स्वास्थ्य संस्थाओं के सेवा की स्थिति और उन सेवाओं के गुणस्तर काे प्रभावकारी बनाने के लिए स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय में स्वास्थ्य संस्था पंजिकरण,Online विचार ब्यबस्थापन और नियमित तथ्यांक के गुणस्तर परिक्षण के लिए अलग Software तैयार कर के वेव साईट में रखने की व्यवस्था की गई है ।
३. १४ अस्पतालाें में Digital Health Assessment सम्पन्न किया गया है।
४. प्रदेश और स्थानीय तह में स्वस्थ्य सेवा प्रवाह का प्रभावकारी अनुगमन करने के लिए स्थानिय तथा प्रादेशिक तह के अनुगमन मूल्यांकन निर्देशिका तैयार कर के सभी तह में भेजा चुका है ।
५. संघीयता के सन्दर्भ में अभिलेख तथा प्रतिबेदन काे अधिक ब्यबस्थित बनाने के लिए आवश्यक हाेने के कारण देशभर के स्वास्थ्य संस्थाहरूको बिबरण तथा सेवाहरूको अभिलेखन ब्यबस्थित गरी स्वास्थ्यसंग सम्बन्धित सबै सूचना प्रणालीहरूबीच अन्तर सम्बन्ध कायम करने के लिए स्वास्थ्य संस्था पंजिकरण प्रणाली (Health Facility Registry) लागू हाेकर कार्यान्वयन में लाया जा चुका है ।
६. इसी तरह सम्म ७५३ मध्ये५५३ स्थानिय तह से स्वास्थ्य ब्यबस्थापन प्रणाली का Online प्रतिबेदन हाे रहा है।
७. मिति २०७६/०३/२३ गते माननीय उपप्रधानमन्त्री जी की अध्यक्षता में तथा माननीय गृह मन्त्री जी की समुपस्थिति में सरोकारवालाें के साथ “स्वास्थ्य कर्मी और स्वास्थ्य संस्था की सुरक्षा” समबन्ध में बातचीत सम्पन्न हाे चुका है।
(घ) सेवा प्रवाह
१. हरेक नागरिक के स्वास्थ्य बीमा में आबद्ध कराने की नीति अनुरूप गत आ.ब.के अन्त तक में ३३९ स्थानीय तह में स्वास्थ्य विमा लागू हाेकर आ.ब.मा ४६ जिला के ४५६ स्थानीय तह में स्वास्थ्य बिमा कार्यक्रम बिस्तार किया गया है और बिमित हाेने वाले की संख्या १८ लाख हाे चुका है ।
२. गर्भवती जाँच सेवा लेने और स्वास्थ्य संस्था में जच्चा काे प्रदान करने वाले यातायात खर्च रकम का डबल करने की निर्देशिका संसोधन कर के लागू किया जा चुका है ।
३. हरेक प्रदेश में कम से कम एक बिशिष्टिकृत सेवा सहित का अस्पताल रहने की नीति अनुरूप ५ अस्पतालाें का (कोशी अञ्चल अस्पताल, नारायणी उप-क्षेत्रिय अस्पताल, भरतपुर अस्पताल, भेरी अञ्चल अस्पतालर डडेलधुरा उप-क्षेत्रिय अस्पताल) संघीय सरकार अन्तरगत रहने के साथ विशिष्टिकृत सेवा सहित का सेवा संचालन करने कि तृतीय तह के अस्पताल (Tertiary Hospital) में स्तरोन्नति किया गया है।
४. आठ अस्पतालाें में जेष्ठ नागरिक वार्ड संचालन हाे रहा हैऔर अधिक ४ अस्पताल में सेवा विस्तार किया गया है ।
५. एकद्वार संकट ब्यबस्थापन केन्द्र (OCMC) ५४ जिला काे ५५ अस्पताल में विस्तार किया गया है । सामाजिक सेवा ईकाई गत बर्ष के २९अस्पताल में है ।
६. मा आ.व. २०७५/७६ में ३५ अस्पताल में बिस्तार किया गया है ।
७. जनकपुर अञ्चल अस्पताल और राजविराज अस्पताल में नवजात शिशु सघन उपचार कक्ष(एन.आई.सि.यु.)विशिष्टकृत सेवा (टरसरी केयर) सेन्टर स्थापना हाेकर सेवा प्रारम्भ हाे चुका है।
८. निजामति श्रीमति संघ के सहकार्य में स्याङ्जा में स्वास्थ्य शिबिर और नेपाली सेना के सहकार्य में शल्यकृया सहित का बिशेषज्ञ शिविर संचालन हुआ है।
९. CEONC सेवा ७२ जिलाें में पहुँचाया गया है।
१०. बिपन्न कार्यक्रम अन्तरगत क्यान्सर, मुटुरोग, मृगौला रोग, हेड ईन्जुरी, स्पार्इनल ईन्जुरी, अल्जाईमर, पार्किन्सन्स, सिकलसेल एनिमियारोग के उपचार के लिए अधिकतम् रु.१ लाख तक का सहुलियत प्राप्त करने वाले राेगियाें की संख्या ३५,६०० हाे चुकी है ।
११. त्रि.वि. शिक्षण अस्पताल महाराजगंज में कलेजो प्रत्यारोपण सेवा शुरु हाे चुका है।
(ङ) विपद ब्यबस्थापन पूर्ब-तयारी तथा तथा प्रतिकार्य
१. विपद् व्यवस्थापन काे समय में ही उचित सम्बोधन कर के प्रदेश नं.१, गण्डकी प्रदेश और कर्णाली प्रदेश के जिला स्तर से उपर का सभी अस्पतालाें, सुदूरपश्चिम प्रदेश के महाकाली, डडेल्धुरार सेती अस्पताल लगायत के अस्पतालाें में विपद ब्यबस्थापन योजना तैयार किया गया है।
२. प्रत्येक प्रदेश तथा स्थानीय तह में द्रुत टोली और आपतकालीन चिकित्सकीय टोली तैयार कर परिचालन के लिए सकृय २५ हव के रुप में रहे बडे अस्पतालाें में आपतकालीन चिकित्सकीय टोली तैयार की गइृ है।
३. विपद की पूर्व तैयारी तथा शिघ्र प्रतिकार्य के लिए साताे प्रदेश के निकाय तथा हब/स्याटेलाइट अस्पतालाें में सम्पर्क व्यक्ति निश्चित कर अलर्ट रखा गया है ।
४. गत बर्ष चैत महिना में पर्सा और बारा में आए विनासकारी आँधी तूफान से प्रभाविताें काे लक्षित कर बिशेषज्ञ चिकित्सक सहित की टोली परिचालन कर स्वास्थ्य शिबिर मार्फत स्वास्थ्य सेवा प्रदान किया गया तथा तराई के बिभिन्न जिलाें में अाई बाढ प्रकोप काे भी मन्त्रालय से समय में सम्बोधन किया गया है | इसके लिए मन्त्रालय से चिकित्सक सहित की टोली लहान, बर्दिबास और पथलैया में नियुक्त कर प्रदेश संग के समन्वय में स्वास्थ्य सेवा प्रदान किया जा रहा है ।
५. हालप्रादेशिक स्वास्थ्य आपतकालीन संचालन केन्द्र (Provincial Health Emergency Operation Centre-PHEOC) डोटी, सुर्खेत, पोखरा में संचालन हाे रहा है । प्रदेश नं. २ के निर्देशनालय के भीतर संचालन करने के लिए निर्माण कार्य शुरु हाेने जा रहा है तथा , प्रदेश नं. १ के कोशी अस्पताल में संचालित करने का निर्णय किया गया है ।
६. दाङ, भेरी, सेती, डडेलधुरा अस्पतालाें में अस्पताल सुरक्षा मापन(Hospital Safety Assessment) सम्पन्न किया गया है।
(च) अध्ययन, अनुसन्धान, सर्वेक्षण
१. National TB prevalence Survey का कार्य ९० प्रतिशत सम्पन्न हुआ है।
२. पाँच बर्ष से छाेटे बच्चे तथा प्रजनन उमर की महिलाओं में सुक्ष्म पोषण तत्व की अबस्था पत्ता लगाकर तथ्य में आधारित उससे सम्बन्धित योजना तर्जुमा तथा कार्यान्वयन करने के लिए Micro Nutrient Status Survey सम्पन्न कर प्रतिबेदन सार्बजनिक किया गया है ।
३. स्वास्थ्य क्षेत्र में हाेने वाले खर्च का बिबरण ब्यबस्थित कर उस तथ्य में आधारित रहकर बजट बिनियोजन और परिचालन करना सहज करने के उद्देश्य अनुरुप“रास्ट्रिय स्वास्थ्य लेखा२०१२-२०१६”प्रकाशन किया गया है।
(छ) भौतिक पूर्वाधार
१. क्रमागत परियोजना के रुप में भवन निर्माण के क्रम में रहे ७४४ स्वास्थ्य संस्थाओं में से इस आर्थिक बर्ष में जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य चौकी, प्रसुति केन्द्र समेत २१४ भवनाें का निर्माण सम्पन्न हाे चुका है।
२. प्रत्येकस्थानीय तह में कम से कम एक प्राथमिक अस्पताल स्थापना करने की नीति अनुरुप २५१ स्थानीय तह में सम्भाव्यता अध्ययन सम्पन्न हाे चुका है और आगामी आ.व.मा निर्माण कार्य शुरु हाेना है।
३. विद्यमान स्वास्थ्य संस्थाओं का म्यापिङ हाेकर स्वीकृत मापदण्ड बमोजिम स्वास्थ्य संस्था नही रहने वाले १२०० वडा में स्वास्थ्य संस्था निर्माण करने के लिए आबश्यक अनुदान रकम सम्बन्धित स्थानिय तह में बित्तिय हस्तान्तरण हाेकर निर्माण कार्य शुरु हाे चुका है
(ज) बिशेषज्ञ चिकित्सक परिचालन
१. नेपाल सरकार से छात्रबृत्ति पाकर बिशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा अध्ययन पूरा किए गउ १४३ बिशेषज्ञ चिकित्सकाें काे पहली बार बिभिन्न अस्पतालाें में परिचालित किया गया है ।


