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सपना था जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बने, बाइक रैली में बोले तरुण चुग

धारा 370 हटाने के लिए मैने बाइक रैली की थी, आज धारा 370 हटने पर पुनः बाइक रैली का आयोजन किया गया है : तरुण चुग

कुछ क्रांतिकारी ऐसे भी थे जो इतिहास के पन्नों में अपनी जगह नहीं बना पाए पर हम कोटि-कोटि नमन करते हैं, उन क्रांतिकारियों को जिनकी बदौलत आज हमें यह आजादी मिली है : मीनाक्षी लेखी


नई दिल्ली, १० अगस्त। आज अगस्त क्रांति दिवस की सालगिरह के उपलक्ष में नई दिल्ली लोक सभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी और उत्तरी दिल्ली नगर निगम स्थायी समिति की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती वीना विरमानी ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने वाले सेनानियों के वंशजों को सम्मानित किया। बाइक रैली रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चुना भट्टी इत्यादि जगहों का राउंड लगा शहीदी स्मारक रमेश नगर पर अंत की गई।

सर्व प्रथम बाइक रैली का आयोजन अनुच्छेद 370 एवं  35-ए हटाए जाने पर हुई जिस को हरि झंडी दिल्ली भाजपा के सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय मंत्री श्री तरुण चुग ने दिखाई। रैली की शुरुआत में श्रीमती वीना विरमानी ने कहा कि श्री तरुण चुग वो व्यक्ति हैं जिन्होंने राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष होते एक बाइक रैली का आयोजन किया था, जिसका अंत उन्होंने कश्मीर के लाल चैक में तिरंगा झंडा फहराकर किया था।
इस अवसर पर श्री तरुण चुग ने कहा कि मेरा सपना था जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बने, इसके लिए मैंने बाइक रैली भी निकाली, आज जब अनुच्छेद 370 हटी तो मैं बहुत ही उल्लास के साथ पुनः बाइक रैली में आ रहा हूँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के कारण आज देश को पूरी आजादी मिली है। रैली में तकरीबन 1200 दुपहिया वाहनों ने हिस्सा लिया और श्री तरुण चुग के इस वक्तव्य को सुन कर सब में ऊर्जा का नया प्रकाश जागा।
शहीदी समराक पर श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने महान क्रांतिकारियों के वंशजों को स्मृति चिन्ह दिया। इनमें से महाराणा प्रताप के वंशज श्री विजय सिसोदिया, श्री बहादुरशाह जफर के वंशज नवाब मोहम्मद शोएब खान, श्री तात्या टोपे के वंशज श्री राजेश टोपे, गूरिलादस्ता आजाद के कैप्टन श्री फूल सिंह के वंशज श्री देश पाल, श्री दीन दयाल उपाध्याय के वंशज श्री विनोद शुक्ला एवं काकोरी कांड में रहे क्रांतिकारियों के वंशजों को श्रीमती लेखी ने सम्मानित किया। शहीदी स्मारक पर स्मृति चिन्ह भेंट करने के उपरान्त श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि आज इन क्रांतिकारियों के वंशजों को सम्मानित करते हुए उनके रोंगटे खड़े हो रहे हैं। भारत को स्वतंत्रता इन क्रांतिकारियों के बलिदान की वजह से मिली। कुछ क्रांतिकारी ऐसे भी थे जो इतिहास के पन्नों में अपनी जगह नहीं बना पाए, पर हम उनको कोटि-कोटि नमन करते हैं, उन क्रांतिकारियों को जिनकी बदौलत आज हमें यह आजादी मिली है।
श्रीमती वीना विरमानी ने कहा कि -“अंततः-एक देश, एक निशान, एक विधान, एक प्रधान, एक संविधान” का सपना पूरा हुआ। रैली में “भारत माता की जय” और “जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है” जैसे नारों का जयघोष हुआ। रैली के दौरान लोगों के बीच खासा उल्लास देखने को मिला, सबके मन में इस बात की खुशी थी कि अंततः पूरा भारत एक हुआ। कार्यक्रम के आयोजक श्रीमती वीना विरमानी और “शहीदों के वंशजों का जाग उठा है भारत” एन.जी.ओ  के संस्थापक श्री ललित सुमन ने श्रीमती मीनाक्षी लेख्सी को स्मृति चिन्ह दिया। श्रीमती वीना विरमानी ने कहा कि जब डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस सर्वोत्तम कश्मीर में जाकर अनुच्छेद 370 और 35-ए का विरोध किया था तो उनको बलिदान होना पड़ा था। आज उन तमाम बलिदानियों की बदौलत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना है और इसी कारण आज हजार से ऊपर दुपहिया चालकों ने इस रैली में हिस्सा लिया।

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