वीरगंज कारागार पुनस्र्थापना पर सांसद यादव का जोर
काठमांडू, २६ अगस्त । प्रतिनिधिसभा सदस्य प्रदीप यादव ने राणाकाल में निर्मित वीरगंज स्थित कारागार पुनस्र्थाना के लिए जोर दिया है । मंगरबार आयोजित प्रतिनिधिसभा बैठक में विशेष समय लेकर सम्बोधन करते हुए उन्होंने सरकार से यह मांग किया है । उनका कहना है कि कारागार जीर्ण (कमजोर) होते जा रहा है, इसीलिए इसको अन्यन्त्रण स्थानान्तर कर पुननिर्माण करना चाहिए ।
पर्सा निर्वाचन क्षेत्र नं. १ से निर्वाचित सांसद यादव ने सभा को सम्बोधन करते हुए कहा– ‘वीरगंज कारागार की अवस्था जीर्ण है, उक्त कागाराकार को पुनस्थाृपना कर नयां निर्माण करने की जरुरत है । क्योंकि सुरक्षा की दृष्टिकोण से शहर की बीच भाग में होने के कारण भी इसको अन्यत्र स्थानान्तरण कर नयां निर्माण करना आवश्यक है ।’ उन्होंने कहा है कि वि.सं. २०७२ में ही एक विज्ञ समूह ने कारागार को पुनस्र्थापना करने लिए कहा था । स्मरणीय है, वि.सं. १९० साल में भूकंप के कारण काठमांडू स्थित केन्द्रीय कागारा क्षतिग्रस्त होने के कारण उस समय सरकार ने वैकल्पिक रुप में उक्त कारागार निर्माण किया था । सांसद् यादव ने आगे कहा– ‘निर्माण होते वक्त कैदियों की संख्या अत्यन्त न्यून था, अभी कैदियां की संख्या १२ सौ ८० पहुँच चुका है ।’
सांसद् यादव ने कहा कि ८ दशक से अधिक समय हो जाने के बाद भी इस कारागार की अवस्था में कोई भी सुधार नहीं आया है, लेकिन कैदियों की संख्या ३ गुणा से भी अधिक हो चुका है । उन्होंने कहा कि नव निर्मित कारागार प्राविधिक और आधुनिक होना चाहिए ।

