Tue. Oct 22nd, 2019

सिंगापुर में भी नेपाली जनता को गोलबन्द होना चाहिए : कैलाश महतो

कैलाश महतो, पराशी | नाइजेरिया के नागरिक रिचार्ड मार्टा ने २०१९ अगस्त २३ तारेख के दिन अपने फेसबुक वाल पर ४२ सेकेण्ड का एक भिडियो डाला है जिसमें नाइजेरियन सिनेट के भाइस प्रेजिडण्ट यमि ओसिनबाजो Yemi Osinbajo जर्मनी के एक मेडिकल केयर में अपने इलाज के लिए जाते हैं । खबर पाकर जर्मनी में रह रहे नाइजेरियाली नागरिकों की एक सचेत भीड उस मेडी केयर के प्राङ्गण में जमा हो जाता है । नाइजेरियाली सिनेट उपनेता श्री ओसिनबाजो जब अस्पताल परिसर में दाखिल होते हैं तो नाइजेरियाली जनता उनपर शारीरिक आक्रमण करते हुए उन्हें अपने देश वापस जाने और देश में ही पाँच तारे हॉस्पिटलें बनाने की सलाह देती है ।
अपने नेता को नाइजेरियाली नागरिक आवाज देती है,”You want better care, we too want some”. Build 5-star hospitals to benefit everyone. “‐तुम अच्छा इलाज चाहते हो, हम भी कुछ वही चाहते हैं ।)” वे आगे कहते हैं, “देश में ही सारे नागरिकों के लिए पाँच तारे अस्पतालों का निर्माण करो । तुम वह अपने जेब से नहीं, हमारे पैसों से हॉस्पिटलें निर्माण करो । हम तुम्हें चोरी करने के लिए ट्याक्स नहीं देते । देश के बजेट से वह संभव है जो हम कर के रुप में देते हैं । अगर नहीं तो हम सारे नाइजेरियाली साथ में ही मरेंगे ।”
३५६, ६६७ वर्ग कि.मी क्षेत्रफल में फैले नाइजेरिया की सन् २०१४ के जनगणना अनुसार वहाँ की कुल जनसंख्या १७७,१५५,७५४ है । उसकी जन्म दर ३८.०३÷१००० और बाल मृत्यु दर ७४.०९÷१००० है । औसत आयु ५२.६२ दिखती है । अफ्रिका के सारे मुल्कों में सबसे अधिक जनसंख्या बाला वह देश उस महादेश में सबसे बडा आर्थिक हैसियत, सबसे बडा भेडा पालने बाला सबसे बडा बहुदलीय प्रजातान्त्रिक व्यवस्था का देश है । वहाँ फिलहाल सैनिक शासन से मुतm संघीय लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्था है ।


इतिहास के अनुसार500 BC–c. AD 200 तक नाइजेरिया का मूल आदिवासी Nok लोगों को माना जाता है । उसके बाद वहाँ Kanuri, Hausa औरFulani लोगों के जाति का आगमन होता है । १३वीं सदी में मुसलमानों की आगमन होती है ।Fulani साम्राज्य ने १९वीं सदी के शुरुवात से ब्रिटिशों के सन् १८५१ में लागोस पर कब्जा करने के समयतक शासन की । सन् १८८६ में बाँकी के भागों को भी कब्जा कर ली और बाद में सन् १९१४ में वह नाइजेरिया का संरक्षित राज्य बन गया । प्रथम विश्वयुद्ध में नाइजेरिया ने फ्रान्स के सहयोग में जर्मनी के विरुद्ध भाग लिया था ।
अभी हाल फिलहाल ही मेक्सिको का एक मन्त्री पर भ्रष्टाचार का आरोप सावित होते ही वहाँ की जनता ने उसे फुहर फेकने बाले कन्टेनर में रखकर पूरा शहर घुमाया था । यूरोप के सरकारी नेतृत्वों द्वारा किसी कार्यक्रम के लिए एक मिनेट का भी लेट हो जाये तो वे नैतिक रुप से जिम्मेवारी लेते हुए पद छोड देते हैं । चीन के राष्ट्रपति बारम्बार यह कहते सुनाई देते हैं कि भ्रष्टाचार करने बाला कम्युनिष्ट नहीं हो सकता । भ्रष्टाचार के मामले में चीन ने अपने कई नेताओं को मृत्यु दण्ड दे दी है । डेनमार्क और क्यानाडा के राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री अपने पद से हटने के बाद अपना सामान अपने से खुद बोककर कार्यालय से पैदल घर जाते हैं । ब्रिटेन का राजकुमार जब नेपाल आते हैं तो वे अपने सामानों को खुद उठाते हैं । ब्रिटेन में ही वहाँ के प्रधानमन्त्रीतक जनता के साथ भोज में घण्टों लाइन में खडे होते हैं । बिना सुरक्षा भी कार्यालय साइकल चलाकर जाते हैं । कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के पास रहने के लिए आज भी अपना घर नहीं हैं । पद से हटने के बाद वे प्राइवेट नौकरी खोजकर परिवार चलाते हैं । स्वीडेन में सांसद को सार्वजनिक बसों में यात्रा करने का नियम है जिसका भाडा सरकार वहन करती है । अपना और अपने जनता का इलाज बराबर के हैसियत में अपने ही देश में कराते हैं । मगर नेपाल का राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री और मन्त्री तथा नेता और अधिकारी लोग सिंगापुर, हंङ्गकंङ्ग, अमेरिका, बेलायत, जर्मनी, जापान आदि देशों के अति महँगे अस्पतालों में करवाते हैं । पद से हटने बाद भी उसी रवाफ में रहते हैं । बिना सहयोगी और सुरक्षा के वे टस से मस नहीं होते ।
क्या है भ्रष्टाचार ? ः

Generally speaking as “the abuse of entrusted power for private gain”. Corruption can be classified as grand, petty and political, depending on the amounts of money lost and the sector where it occurs.

Grand corruption consists of acts committed at a high level of government that distort policies or the central functioning of the state, enabling leaders to benefit at the expense of the public good. Petty corruption refers to everyday abuse of entrusted power by low- and mid-level public officials in their interactions with ordinary citizens, who often are trying to access basic goods or services in places like hospitals, schools, police departments and other agencies.

Political corruption is a manipulation of policies, institutions and rules of procedure in the allocation of resources and financing by political decision makers, who abuse their position to sustain their power, status and wealth.

उपरोक्त परिभाषा और उसके क्षेत्रों को देखें तो किसी भी प्रकार से अपने वयतिmगत लाभ के लिए प्राप्त ताकतों व व्यवस्थाओं को दुरुपयोग करना भ्रष्टाचार है । भ्रष्टाचार का रुप अनेक हो सकते हैं । कोई बडा या छोटा रकम की लाभ, राजनीतिक शतिm का दुरुपयोग, किसी से घर, गाडी या मकान की चाहत या माँग, संगठन में व्यतिmवादी दबदबा, सार्वजनिक सम्पति का अनावशयक प्रयोग, कामों में चोरी, दूसरों के मेहनत पर हलाली, अपने मातहत के लोगों के साथ फरेबी व जालझेल, जनता के विश्वास के साथ धोखा, अपने सहपाठियों को अन्धेरे में रख व्यतिmगत मनोकांक्षाओं का पूर्ति करना आदि सब भ्रष्टाचार है । भविष्य में किसी लालच या लाभ आदान प्रदान करने के कुत्सित मानसिकता से लिए गये सुविधा या उपहार भी भ्रष्टाचार के नियत को जन्म देता है । वैसे ही देश में उपलब्ध संसाधनों के रहते या उसके संभावनाओं को नष्ट कर जनता को विदेशी वस्तुएँ महँगे दामों पर खरीदने को बाध्य करना भी भ्रष्टाचार ही होता है ।
सार्वजनिक पदों पर रहे व्यतिm द्वारा स्वास्थय जाँच के नाम पर विदेशी महँगे अस्पतालों में इलाज करवाना, देश में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगारी, वातावरण, कृषि, सुरक्षा, आदि का वातावरण विगाडना, व्यतिmगत महत्वाकांक्षाओं को ही सर्वोपरि मानना भ्रष्टाचार का मूल जड है । एक ही देश में कानुन को दो तरह से लागू करना, अदालतों में विभेद होना, शासन और प्रशासन में रंगभेद होना राजकीय भ्रष्टाचार है । भ्रष्टाचार सिर्फ आर्थिक रुप में ही नहीं, अपितु यह मानसिक शोषाण, सामाजिक दुव्र्यवहार, कामों ढिलासुस्ती व बेइमानी, नियतखोरी, गलत समूह, स्वआडम्बर, चरित्र हत्या, अवसर हत्या आदि सारे नैतिकहीन रबैयों को हम भ्रष्टाचार ही कह सकते हैं । कुछ लोग इन्हीं धन्धों को जीवित रखकर अपना प्रसिद्धि बनाना चाहते हैं जो दूसरों के लिए नकारात्मक सावित होता है ।
देश के जनता को अपने नेता के प्रति शिष्ट और शख्त दोनों होना चाहिए । विदेशी सुख सुविधा व विदेश में मौज मस्ती करने बाले नेताओं के प्रति जनता का नजर चुस्त होना आवशयक है । सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों के सेवा अवधि, उसके तलव भत्ता, पुरस्कार, कमाई का अन्य श्रोत लगायत के सारे सम्पतियों का खोजविन होना बेहद जरुरी है । उसके वास्तविक सेवा अवधि और कमाईयों में अतिरितm दिखे जाने बाले सारे सम्पतियों को जनता द्वारा जब्त की जानी चाहिए । नेताओं में पलने बाला अहंकार सबसे बडा भ्रष्टाचार है । सबसे पहले जनता को उसके अहंकार और उसके अनावश्यक विज्ञापनों पर रोक लगाना चाहिए । उसका सामाजिक और राजनीतिक वहिष्कार करना चाहिए । और आवश्यकता पडे तो मेक्सिको और नाइजेरिया के जनता का भी नककल करना चाहिए । सी जिन पिङ्ग जैसा भ्रष्टाचार विरोधी कडी कदम उठानी चाहिए । हो सके तो सिंगापुर में भी नेपाली जनता को गोलबन्द होना चाहिए ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *