बजेट को दलगत स्वार्थ का बन्धक बनाना आत्मघाती : प्रधानमन्त्री
काठमाडू, मङ्सिर १ । प्रधानमन्त्री बाबुराम भट्टराई ने चेतावनी दिया है कि बजेट को दलगत स्वार्थ का बन्धक बनाना आत्मघाती हो सकता है । विपक्षी दलों की ओर संकेत करते हुये प्रधानमन्त्री ने विरोध के लिये विरोध करने की आत्मघाती प्रवृत्ति को त्याग्ने का भी आग्रह किया । प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने प्रतिपक्षी दलों व्दारा राष्ट्रीय हीत से जुडा हुआ बजट को राजनीतिक हतियार वनाने का आरोप लगाया है। उन्होने राजनीतिक फाइदा के लिये बजेट को हतियार वनाकर देश की अर्थव्यवस्था को ठप्प न करने का विपक्षी दलओं से आग्रह किया ।
प्रथम कर दिवस के अबसर पर शुक्रवार को राजधानी मे राजश्व विभाग व्दारा आयोजित कार्यक्रम को सम्वोधित करते हुये भट्टराई ने सरकार व्दारा लानेवाली बजेट को अगर रोका गया तो वह विपक्षी दलों के लिये ही आत्मघाती होने का चेतावनी दिया । उन्होने देश के आर्थिक बिकास के लिये आन्तरिक स्रोत परिचालन मे अभिबृद्धि करना अपरिहार्य होने की बात बतायी । देश राजनीतिक क्रान्ति मे कइ कदम आगे बढ चुकी है लेकिन आर्थिक क्रान्ति का सपना अभी अधुरा रहने की बात उन्होने कही । उन्होने ब्यपारियों को कर के परिधि मे लाकर कर सहभागीता अभिबृध्दि कराने के लिये बिशेष ध्यान देने को अर्थ मन्त्रालय और कर प्रशासन को निर्देशन दिया ।
इसबिच नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने एक बार फिर नेकपा माओवादी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल “प्रचंड” द्वारा बजट लाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है ।

