बाँके में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, २ सौ ७९ लोग लाभान्वित
नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल ।
बाँके जिला के नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वार्ड नं. ४ सल्यानीबाग में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर की आयोजन किया गया । नेपालगन्ज मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ तथा स्थानीय कान्ति आरोग्य बाल रोग क्लिनिक की सञ्चालिक डा. रोमा बोरा की अनुसार शिविर में आये हुये अधिकाँश बालबालिकाओं में कुपोषण, भाइरल बोखार, गन्दे पानी प्रयोग की कारण से कान से पानी बहना, पकना और कान दर्द होना जेसी समस्या अधिक दिखाई पडी थी । ऐसी प्रकार की समस्याएँ और संक्रमण से बचने के लिये अभिभावक और विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं ने बालबालिका की स्वास्थ्य सचेतना पर जोड देने के लिये सुझाव डा. रोमा बोरा ने दी ।
नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वार्ड नं. ४ सल्यानीबाग में आयोजित शिविर से २ सौ ७९ सर्वसाधारण लोगों ने लाभ उठया । नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका वार्ड नं. ४ सल्यानीबाग स्थित पहले प्राथमिक स्कूल था और गत वर्ष से वह स्कूल आधारभूत छात्रा विद्यालय के रुप में सञ्चालन किया गया है वह विद्यालय में ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र बाँके के आयोजन में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर की आयोजन किया गया ।
ग्रामीण आर्थिक सामाजिक उत्थान केन्द्र बाँके की अध्यक्ष श्रीमती लता शर्मा ने दी जानकारी अनुसार सुबह ९ बजे से लेकर अपरान्ह ३ बजे तक सञ्चालित वह शिविर में २ सौ १६ महिला और ६३ लोग पुरुष समेत करके २ सौ ७९ सर्वसाधारण लोगों ने अपनी अपनी स्वास्थ्य परीक्षण करया था इसके साथ वह शिविर में दवा भी निःशुल्क वितरण किया गया था ।
वह शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण में नेपालगन्ज मेडिकल कालेज के बाल रोग विशेषज्ञ डा. रोमा बोरा, भेरी अञ्चल अस्पताल के मेडिकल अफिसर डा. अस्मिता गौतम और नेपालगन्ज मेडिकल कालेज के अफिसर डा. मोहम्मद आजाम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया था ।
वह शिविर में सब से कम उमर १० महीने से बालिका से लेकर ७५ वर्षिय वृद्ध तथा ८० वर्षिया वृद्धा महिला ने अपनी स्वास्थ्य परीक्षण कराया वह केन्द्र की अध्यक्ष श्रीमती लता शर्मा ने जानकारी दी ।
मेडिकल अफिसर डा. अस्मिता गौतम के अनुसार शिविर में आये महिला और छात्राओं में महिनावारी अनियमितता, पाठेघर की समस्या, सुफेद पानी आना जैसी समस्याएँ दिखाई पडी थी ।
डा. मोहम्मद आजाम ने स्वास्थ्य परीक्षण करते समय अधिकतर सेवाग्राहियों में सर्दी जोखाम, खाँसी, बोखार, उच्च रक्तचाप, सर दर्द, बदन दर्द, कमर दर्द कान दर्द, आँख की समस्याएँ अधिक दिखाई पडी थी ।
वह शिविर में विद्यालय के प्रधानाध्यापक वुधेश जायसवाल, शिक्षिकाओं में पुष्पा सापकोटा, तिला पछाईं, लिला खड्का, केशरी शर्मा, सिर्जना बुढाथोकी, सुशन सिजापति, सिर्जना सिंह और वह वार्ड के महिला सदस्य जयपत्रा कोरी लगायत की सक्रिय सहयोग रही थी ।
इसी तरह वह शिविर में स्वास्थ्यकर्मी राजेन्द्र वर्मा, सुश्री स्मारिका श्रेष्ठ और सुश्री सिमरन श्रेष्ठ और आयोजक संस्था के ओर से उपाध्यक्ष तारा केसी, कोषाध्यक्ष ममता आचार्य, सदस्य नितेश गिरी, रमण कुमार आचार्य, निखिल जायसवाल,ललिता जैसी देवकोटा लगायत लोगों ने सहयोग किया था । वह शिविर के लिये कान्ति आरोग्य बाल रोग क्लिनिक की ओर से भी बालबालिकाओं के लिये कुछ दवा भी उपलब्ध कराया गया था आयोजक संस्था के अध्यक्ष लता शर्मा ने जानकारी दी ।
विद्यालय के बालिकाओं के लिये आपतकालीन अवस्था में आवश्यक पडनेवाली प्राथमिक स्वास्थ्य समस्या के लिये विद्यालय की माग अनुसार आयोजक संस्था की अध्यक्ष लता शर्मा ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक वुधेश जायसवाल को कुछ दवा प्रदान की थी ।

