तराई के सभी हवाई अड्डाें की स्तराेन्नति की जाएगी
नेपाल सरकार ने तराई क्षेत्र में विभिन्न हवाई अड्डों के उन्नयन के लिए एक विशेष योजना पेश की है। सरकार ने सभी सात प्रांतों के तराई जिलों में मौजूदा इमारतों के उन्नयन के लिए एक विशेष योजना बनाई है। सरकार ने बिराटनगर, नेपालगंज और चंद्रगढ़ी हवाई अड्डों को अपग्रेड करने की योजना को आगे बढ़ाया है। इसी तरह, सरकार धनगढ़ी, भरतपुर, जनकपुर और राजबिराज के उन्नयन के लिए काम करेगी। बिराटनगर हवाई अड्डे के उन्नयन पर 4 अरब रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह अनुमान है कि भूमि अधिग्रहण के लिए बराबर की रकम खर्च हाेने का अनुमान है। इसी तरह, नेपालगंज हवाई अड्डे के लिए 4 अरब रुपये और भूमि अधिग्रहण के लिए 3 अरब रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, यह अनुमान है कि चंद्रगढ़ी हवाई अड्डे के उन्नयन के लिए भूमि के अधिग्रहण के लिए 3 अरब और हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 2 बिलियन का खर्च आएगा। अनुमान है कि धनगढ़ी हवाई अड्डे के उन्नयन पर 2 करोड़ और भूमि अधिग्रहण पर साढे 4 अरब का खर्च आएगा। इसी तरह, भरतपुर हवाई अड्डे के रनवे ओवरले पर काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।
दर कराेड रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसी तरह, जनकपुर हवाई अड्डे का उन्नयन कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। अनुमान है कि परियोजना पर कुल सैतीस करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, यह अनुमान लगाया जाता है कि राजबिराज हवाई अड्डे के निर्माण पर साठ करोड़ रुपये और भूमि के अधिग्रहण पर रु एक अरब खर्च हाेगा । सभी हवाई अड्डों के उन्नयन के लिए पाँच साल की समय सीमा निर्धारित की गई है।

